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ग्रामीण बैंक से 1.27 लाख रुपए की फर्जी निकासी मामले की जांच

Updated at : 29 May 2025 8:34 PM (IST)
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ग्रामीण बैंक से 1.27 लाख रुपए की फर्जी निकासी मामले की जांच

समिति में गड़बड़झाला. रीजनल कार्यालय के निर्देश पर मामले की जांच शुरू

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साहिबगंज.समिति में गड़बड़झाला कर जिले के ग्रामीण बैंक महादेवगंज की शाखा से फर्जी तरीके से 1.27 लाख रुपए की निकासी करने का मामला सामने आया है. मामले को लेकर शिकायत के आलोक में बैंक के रीजनल कार्यालय ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं. आदेश के बाद बैंक के शाखा प्रबंधक मेहुल कुमार के साथ जांच पदाधिकारी प्रभात रवि ने गुरुवार को महादेवगंज गोढ़ी टोला पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी. जांच के क्रम में जांच पदाधिकारी ने समिति के सदस्यों से मामले को लेकर पूछताछ की. वहीं समिति के अध्यक्ष और वर्तमान सचिव समेत अन्य पदाधिकारी से मामले को लेकर लिखित आवेदन लेने के साथ-साथ सत्यापन हेतु उनके हस्ताक्षर और टीप के निशान भी लिये गए. दरअसल, दुग्धशाला महिला समिति गोढ़ी टोला महादेवगंज की ओर से मामले को लेकर लिखित शिकायत महादेवगंज स्थित ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक के साथ-साथ रांची के जोनल एवं गोड्डा के रीजनल कार्यालय से की गयी थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि जनवरी 2023 से सितंबर 2023 के बीच छह ट्रांजैक्शन के माध्यम से नियम के विरुद्ध बैंक अधिकारी को विश्वास में लेकर समिति के खाते से केवल तत्कालीन सचिव के हस्ताक्षर से 1.27 लाख रुपए की फर्जी तरीके से निकासी की गयी है. जिस समय समिति का बचत खाता उक्त बैंक की शाखा में खोला गया था, उस समय बैंक को दिये गये प्रस्ताव कॉपी में स्पष्ट उल्लेख था कि बैंक के खाते का संचालन संयुक्त रूप से अध्यक्ष और सचिव करेंगे. किसी प्रकार का भी ट्रांजैक्शन अध्यक्ष और सचिव के संयुक्त हस्ताक्षर से ही होगा. इसके बाद भी समिति के नियम को दरकिनार करते हुए केवल तत्कालीन सचिव के हस्ताक्षर से ही 1.27 लाख रुपए की निकासी कर ली गयी है. जब बैंक में इसका पता लगाकर उक्त छह विथड्रॉवल फॉर्म देखा गया, उसमें केवल सचिव का टीप का निशान और बगल में उसका नाम लिखा पाया गया. वहीं इस निकासी फॉर्म में फर्जी तरीके से एक और टीप का निशान लगा पाया गया. लेकिन उक्त टीप निशान के बगल में किसी का नाम अंकित नहीं मिला. आरोप लगाया गया कि समिति के जिस तत्कालीन सचिव ने पैसे की निकासी की है, उसके पास बैंक का पासबुक तक नहीं था. निकासी के समय बैंक द्वारा पासबुक में लगे अध्यक्ष और सचिव के फोटो से राशि की निकासी करने वाले अध्यक्ष और सचिव की मिलान की जाती है, जो नहीं की गयी. बिचौलिया की मदद से बैंक अधिकारी को विश्वास में लेकर उक्त राशि की फर्जी तरीके से निकासी कर ली गयी. इधर, रीजनल कार्यालय के आदेश के बाद मामले की जांच करने पहुंचे जांच अधिकारी प्रभात रवि एवं उक्त बैंक के शाखा प्रबंधक मेहुल कुमार ने सामने आकर कुछ भी कहने से इनकार किया. बस इतना कहा कि वे लोग अपने बैंक के उच्चाधिकारियों के आदेश पर मामले की जांच कर रहे हैं. मामले की निष्पक्ष जांच कर जो भी रिपोर्ट होगी, वे अपने पदाधिकारी को इससे अवगत करा देंगे. वहीं मामले को लेकर समिति के तत्कालीन सचिव के प्रतिनिधि ने बताया कि जांच के बाद मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी. जबकि समिति के वर्तमान सचिव के पति केदार सिंह ने कहा कि शिकायत की जांच की गयी है. उन लोगों को पूरी उम्मीद है कि जांच के बाद समिति को न्याय मिलेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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