साहिबगंज
अत्याधुनिक वैज्ञानिक प्रगति ने मानव के बौद्धिक संपदा को दिशाहीन बना दिया है. इंटरनेट के जमाने में फोर जी, फाइव जी, सिक्स जी और अब सेवन जी के चक्कर में हम बेवजह फंस कर जीवन के बहुमूल्य लम्हों को यूं ही गंवाते चले जा रहे हैं. समाज हित और राष्ट्र हित के लिए खासकर युवा शक्ति के भटकाव को रोकना होगा. उन्हें उनके आध्यात्मिक विरासत का आत्म बोध कराना होगा. इसके लिए पूज्य गुरुदेव के संरक्षण में गायत्री परिवार द्वारा कई रचनात्मक कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं. शहर के गायत्री शक्तिपीठ में सोमवार को आयोजित स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह को संबोधित करते हुए महिला मंडल की करुणामयी भारती ने ये बातें कही. समारोह की शुरुआत उपजोन समन्वयक श्याम नंदन सिंह, कमलकांत मंडल, बी के चौधरी करुणामयी भारती सरिता पोद्दार ने की. शक्तिपीठ के व्यवस्थापक हरिहर प्रसाद मंडल ने मंच संचालन किया. समारोह में उपस्थित गायत्री परिवार के भाई-बहनों ने बसंत पर्व को सामूहिक संकल्प दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया. सभी श्रद्धालुओं ने स्वामी जी के तैल चित्र में माल्यार्पण किया. मौके पर सबिता कुमारी, अनिता देवी, निभा देवी, मधु कुमारी, प्रतिभा सिंह, सीताभी यादव, राम प्रताप चौधरी, शिवशंकर निराला आदि मौजूद थे.
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