ePaper

स्थानांतरण के इंतजार में बीमार शिक्षक का निधन, पत्नी बोलीं :- ट्रांसफर नहीं होने से तनाव में थे योगेंद्र किस्कू

Updated at : 11 Dec 2025 8:58 PM (IST)
विज्ञापन
sahibganj

साहिबगंज (फाइल फोटो)

राज्यस्तरीय स्थानांतरण प्रक्रिया में लापरवाही पर परिजनों व शिक्षकों ने उठाये सवाल

विज्ञापन

तीनपहाड़ राज्यस्तरीय स्थानांतरण प्रक्रिया की धीमी रफ्तार और जटिल मेडिकल जांच व्यवस्था ने शिक्षक की जान ले ली. ऐसा आरोप मृतक शिक्षक योगेंद्र किस्कू के परिजनों और स्थानीय शिक्षकों ने लगाया है. तालझारी प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय छवि टोंक में पदस्थापित 53 वर्षीय योगेंद्र किस्कू का 7 दिसंबर को इलाज के दौरान निधन हो गया. दुमका जिला के बंदरजोरी निवासी योगेंद्र लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार थे, उनका इलाज हैदराबाद के एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में चल रहा था. तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले बरहेट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर दुमका के कौशल्या नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया. 28 नवंबर को उनकी अंतिम मेडिकल जांच हुई थी, जिसके बाद इलाज जारी थी. पर 7 दिसंबर को उन्होंने अंतिम सांस ली. परिजनों का कहना है कि राज्य स्तरीय स्थानांतरण के लिए जारी मेडिकल सूची में योगेंद्र किस्कू का नाम चौथे नंबर पर था, फिर भी उनका स्थानांतरण नहीं हुआ. साहिबगंज में ड्यूटी करते हुए बाहर इलाज कराना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था. परिजनों का मानना है कि यदि स्थानांतरण समय पर हो जाता और एक ही स्थान पर रहकर इलाज संभव होता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी, जबकि पहले चरण में कई शिक्षकों का स्थानांतरण पूरा भी हो चुका है. अब सिर्फ 17 में से 16 शिक्षक ऐसे बचे हैं, जो आज भी स्थानांतरण के इंतजार में हैं. शिक्षा विभाग ने कहा है कि बचे हुए शिक्षकों का पुनः मेडिकल कराया जाएगा. लेकिन शिक्षक समाज सवाल उठा रहा है कि जब अन्य जिलों में प्रक्रिया समय पर पूरी हो गई, तो साहिबगंज में ही इतने विलंब और जटिलता क्यों पैदा हुई. शिक्षक समुदाय ने मांग की है कि योगेंद्र किस्कू की मौत की जिम्मेदारी तय की जाए और शेष शिक्षकों का स्थानांतरण तुरंत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो. क्या कहती हैं पत्नी शिक्षा विभाग स्थानांतरण को लेकर कभी गंभीरता से नहीं लिया. हमलोग लगातार जिला का चक्कर लगाए पर काम नही हुआ. इस कारण पति टेंशन में आ गये. इस कारण वह बीमार ज्यादा हो गये. आखिर उनका निधन हो गया. उषा किरण टुडू, पत्नी क्या कहते हैं शिक्षक संघ के सचिव योगेंद्र किस्कू पिछले एक वर्ष से निलंबन के बाद कार्यवाही के अधीन प्रक्रिया से गुजर रहे थे. इस कारण आर्थिक प्रॉब्लम भी हुआ था. ये विभागीय अकर्मण्यता और लापरवाही को दर्शाता है. मनोरंजन कुमार, सचिव कहते हैं डीएसइ स्थानांतरण का मामला राज्य के निर्देश पर चल रहा है. राज्य के निर्देश पर ही पुनः मेडिकल बोर्ड गठित कर जांच की प्रक्रिया की जा रही है. पहले चरण में 17 शिक्षकों का हो चुका है. बाकी अन्य शिक्षकों का मेडिकल जांच शुक्रवार को होगी. रही बात शिक्षक की मौत का मामला है. वह शिक्षक पहले से बीमार चल रहे थे. हमलोग अपने स्तर से नजदीक के विद्यालय में कर दिये थे. कुमार हर्ष, जिला शिक्षा अधीक्षक, साहिबगंज

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ABDHESH SINGH

लेखक के बारे में

By ABDHESH SINGH

ABDHESH SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola