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पिता को आया हार्ट अटैक, बेटा लेकर निकला अस्पताल, 20 मिनट तक बंद रहा रेलवे फाटक, मनोज दास की चली गयी जान

मृतक के पुत्र उत्तम ने कहा : रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) रहता तो नहीं जाती मेरे पिता की जान

साहिबगंज.

शहर के पश्चिमी रेलवे फाटक लोगों के लिए अभिशाप बना हुआ है. रेलवे फाटक बंद रहने से कभी फाटक पर महिला का प्रसव हो जाता है तो कई लोगों की जान तक चली जाती है. जबकि रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाने के लिए कई बार आंदोलन भी हो चुका है, फिर भी रेलवे फाटक पर आधारित ब्रिज बनाने का काम वर्तमान समय में ठंडा बस्ता में पड़ा हुआ है. घटना मंगलवार की रात लगभग पौने नौ बजे की है. पश्चिमी रेलवे फाटक बंद रहने के कारण हार्ट अटैक आए एक मरीज की मौत रेलवे फाटक पर ही हो गया. फाटक खुलने के बाद उक्त मरीज को परिजन सदर अस्पताल लेकर पहुंचा जहां चिकित्सक डाॅ मुकेश कुमार ने उसे मृत घोषित कर दिया. जानकारी के अनुसार मृतक व्यक्ति रसुलपुर दहला निवासी मनोज दास उम्र 55 वर्ष था. घटना के संबंध में मृतक मनोज दास के पुत्र उत्तम ने बताया कि मेरे पिता को हार्ट अटैक आया तो हमलोगों ने उसे आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल के लिए निकल पड़े. लेकिन हमलोगों रेलवे फाटक पहुंचे तो फाटक बंद था. करीब बीस मिनट के बाद फाटक खुला जब तक मेरे पिता की मौत हो गयी थी. उन्होंने बताया कि फाटक बंद रहने के कारण ही मेरे पिता जी तड़प-तड़प कर हमेशा के लिए मौत की नींद सो गये. फाटक खुलने के बाद हमलोगों ने उसे सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने जांचोपरांत उसे मृत घोषित कर दिया. उन्होंने कहा कि अगर फाटक खुला रहता तो मेरे पिताजी की जान बच जाती. वहीं, मनोज दास की मौत की खबर सुनते ही परिजन दहाड़ मारकर रो रहे थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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