आदिवासी संस्कृति झारखंड की पहचान नगर प्रतिनिधि, साहिबगंज अपनी संस्कृति को बचाये रखने की जरूरत है. यह बातें प्रो. सह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ मृदुला सिन्हा ने साहिबगंज महाविद्यालय परिसर स्थित नंदन भवन में आयोजित संताली साहित्य दिवस पर छात्र-छात्राओं से कही. उन्होंने कहा कि किसी भी जाति का साहित्य उस समाज का आईना होता है. इसके पूर्व डॉ मृदुला सिन्हा ने द्वीप प्रज्वलित कर सिदो कान्हू व संताली साहित्यकार पंडित रघुनाथ मुर्मू के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन किया. वहीं आदिवासी छात्राओं द्वारा मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि का स्वागत बूके देकर किया गया. कार्यक्रम में डॉ नलिन विलोचन, प्रो रेखा चौधरी, प्रो अनिल कुमार, प्रो रवींद्र प्रसाद, प्रो डेविड यादव, शिक्षक लाउस हांसदा सहित कई छात्र-छात्राओं ने भी अपने-अपने विचार रखे. कहा जिस भाषा का साहित्य जितना उन्नत होगा वो समाज भी उतना ही जागरूक होगा. अवसर पर आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. मंच संचालन पिरू मुर्मू व लक्ष्मी टुडू ने किया. मौके पर छात्र नायक जितेंद्र मरांडी, सोनाराम मरांडी, नमिता हांसदा, लाउस हांसदा, होडिंग मरांडी, राजेंद्र बाडा, अविनाश कुमार सहित महाविद्यालय के बीएड सहित अन्य कक्षाओं के छात्र उपस्थित थे. …………फोटों नं 11 एसबीजी 3,4 हैं.कैप्सन: शनिवार को कार्यक्रम मंे उपस्थित अतिथि व छात्राएंकार्यक्रम प्रस्तुत करती आदिवासी छात्राएं
लेटेस्ट वीडियो
ओके ::::: साहित्य समाज का दर्पण
आदिवासी संस्कृति झारखंड की पहचान नगर प्रतिनिधि, साहिबगंज अपनी संस्कृति को बचाये रखने की जरूरत है. यह बातें प्रो. सह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ मृदुला सिन्हा ने साहिबगंज महाविद्यालय परिसर स्थित नंदन भवन में आयोजित संताली साहित्य दिवस पर छात्र-छात्राओं से कही. उन्होंने कहा कि किसी भी जाति का साहित्य उस समाज का आईना […]
Modified date:
Modified date:
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
