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डेढ़ वर्षों से आठ सरकारी विद्यालयों में नहीं बन रहा मध्याह्न भोजन

Updated at : 10 Sep 2025 8:30 PM (IST)
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sahibganj

साहिबगंज (फाइल फोटो)

वर्ष 2018 में 14 विद्यालय का विलय हुआ, 2023 में 14 में से 8 विद्यालय फिर से खोले गए. लेकिन कभी नहीं बना मध्याह्न भोजन

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बोरियो. बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाने तथा निःशुल्क एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर स्कूल में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की गई है. लेकिन बोरियो प्रखंड में आधा दर्जन विद्यालय ऐसे हैं, जहां डेढ़ साल से मध्यान्ह भोजन नहीं बन रहा है. न सिर्फ मध्याह्न भोजन, बल्कि बच्चों को पढ़ाई के लिए पुस्तकें और पहनने के लिए पोशाक भी नहीं मिली हैं. यह मामला विद्यालय विलय से जुड़ा हुआ है. वर्ष 2018 में बोरियो प्रखंड के 14 विद्यालयों को अन्य विद्यालयों में विलय कर दिया गया. विलय के बाद नामांकित बच्चों की नियमित उपस्थिति कम हो गई. कारण था विद्यालय का गांव से दूर होना. नतीजतन कई बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी. इसके बाद राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने पुनः विचार करते हुए इन विद्यालयों को फिर से खोलने का निर्णय लिया. तत्कालीन जिला शिक्षा अधीक्षक राजेश पासवान ने बोरियो प्रखंड के विलय हुए 14 में से 8 विद्यालयों को दोबारा खोलने पर सहमति दी. इसके बाद 18 दिसंबर 2023 को यूपीएस धपानी पहाड़, यूपीएस बिजुलिया पहाड़, एनपीएस टोक बास्को, एनपीएस बूंडा पहाड़, पीएस बाडोर, यूपीएस गुटी कारगोडा, यूपीएस पोखरिया पहाड़ एवं यूपीएस तेतरिया संथाली को पुनः खोल दिया गया. इसके बाद नामांकित बच्चों की पढ़ाई अपने मूल विद्यालय में ही शुरू हुई. लेकिन समस्या यह है कि इन विद्यालयों में मध्याह्न भोजन के लिए विभाग ने राशि आवंटित नहीं की. नतीजतन बच्चे भूखे पेट सरकारी स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं. इतना ही नहीं, विद्यालय खुलने के डेढ़ साल बाद भी बच्चों को किताबें, पोशाक, बैग और छात्रवृत्ति उपलब्ध नहीं करायी गयी है. विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में मध्याह्न भोजन के नाम पर सभी विद्यालयों को सिर्फ चावल दिया गया है, लेकिन अन्य खर्च के लिए राशि विद्यालयों को हस्तांतरित नहीं की गई. गौरतलब है कि पुनः खोले गए अधिकांश विद्यालय आदिम जनजाति पहाड़िया गांवों में संचालित हैं. ऐसे में मध्याह्न भोजन बच्चों की उपस्थिति पर सीधा असर डालता है. बावजूद इसके, विभाग की लापरवाही से डेढ़ वर्ष से विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बंद है. आखिर इसके जिम्मेदार कौन हैं? विद्यालयों में कितने बच्चे हैं नामांकित : 1. यूपीएस, धपानी पहाड़- 44 2. यूपीएस बिजुलिया पहाड़-24 3. एनपीएस टोक बास्को-4 4. एनपीएस बूंडा पहाड़-6 5. पीएस बाडोर-12 6. यूपीएस गुटी कारगोडा-4 7. यूपीएस पोखरिया पहाड़-7 8. यूपीएस तेतरिया संथाली-36 बोले विभागीय पदाधिकारी : शिक्षा विभाग के बीपीओ राजेश्वरी सिन्हा ने बताया कि विलय के बाद खोले गए सभी आठ विद्यालयों में मध्याह्न भोजन नहीं बन रहा है. विद्यालय में मध्याह्न भोजन के लिए राशि प्राप्त नहीं हुई है. सभी विद्यालय को चावल दिया गया है. जल्द ही मध्याह्न भोजन के लिए राशि भी प्राप्त हो जाएगी. इसके बाद सुचारू रूप से मध्याह्न भोजन का संचालन कराया जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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