ePaper

Ranchi news : पीएल खातों से राशि निकालने की नहीं मिल रही अनुमति, योजनाएं प्रभावित

Updated at : 19 Sep 2025 12:38 AM (IST)
विज्ञापन
Ranchi news : पीएल खातों से राशि निकालने की नहीं मिल रही अनुमति, योजनाएं प्रभावित

पीएल खातों में अभी 2,510 करोड़ रुपये हैं

विज्ञापन

रांची.

झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों के पर्सनल लेजर (पीएल) खातों में राशि जमा होने के बावजूद योजनाओं का काम प्रभावित हो रहा है. वित्त विभाग की ओर से विभागों को पीएल खातों में जमा राशि को रिलाेकेट करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. इस कारण जुडको, पथ निर्माण और ग्रामीण विकास समेत राज्य सरकार के अन्य विभागों की लगभग 1650 करोड़ रुपये की योजनाओं पर इसका असर पड़ रहा है.

वित्त विभाग की ट्रेजरी एमआइएस पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विभागों के खातों में कुल लगभग 7,750 करोड़ रुपये जमा थे, जिसमें से 5,240 करोड़ रुपये खर्च किये गये. 2,510 करोड़ रुपये अभी भी शेष हैं. लेकिन, वित्त विभाग से विभागों को राशि के उपयोग की अनुमति नहीं मिलने के कारण राशि पीएल खाते से नहीं निकल पा रही है. पीएल खातों में जमा राशि का एक बड़ा हिस्सा अनस्पेंड फंड की श्रेणी में है, जिसे विभिन्न विभागों द्वारा उपयोग नहीं किया गया है.

निर्धारित समय पर खर्च नहीं होने से पीएल खाते में चली जाती है राशि

राज्य सरकार के कई विभाग अपनी योजनाओं के लिए मिलने वाली राशि निर्धारित समय पर खर्च करने में असफल रहते हैं. ऐसे में योजनाओं के लिए निर्धारित राशि पीएल खाते में चली जाती है. कैग की रिपोर्ट में उल्लेख है कि कई मामलों में तीन वर्षों से अधिक समय तक योजनाओं की राशि बिना उपयोग के खाते में पड़ी रही. वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि योजनाओं का पैसा समय पर खर्च नहीं होने से विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित होती है और इसका सीधा असर जनता को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJIV KUMAR

लेखक के बारे में

By RAJIV KUMAR

RAJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola