ePaper

झारखंड शराब घोटाले में आरोपी निलंबित IAS विनय चौबे की याचिका पर हाईकोर्ट में इस तारीख को होगी सुनवाई

Updated at : 11 Jun 2025 8:17 PM (IST)
विज्ञापन
vinay-kumar-choubey-ias-jharkhand

निलंबित आईएएस विनय चौबे (फाइल फोटो)

Vinay Chaubey: झारखंड शराब घोटाले में आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे की याचिका पर 13 जून को सुनवाई होगी. 38 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले में विनय कुमार चौबे की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में गिरफ्तारी को चुनौती दी गयी है. एसीबी ने 20 मई 2025 को विनय चौबे और तत्कालीन संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था.

विज्ञापन

Vinay Chaubey: रांची, राणा प्रताप -38 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले में आरोपी निलंबित आइएएस अधिकारी विनय चौबे की ओर से गिरफ्तारी को चुनौती देनेवाली याचिका पर 13 जून को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. यह मामला 13 जून को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुआ है. 20 मई 2025 को एसीबी ने आइएएस विनय कुमार चौबे और तत्कालीन संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह को 38 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था.

विनय कुमार चौबे ने गिरफ्तारी को दी है चुनौती


प्रार्थी विनय कुमार चौबे ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए चुनौती दी है. उन्होंने कहा है जिस मामले में उनके विरुद्ध एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की है, वह पूरी तरह से निराधार है. उनकी गिरफ्तारी में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का भी पालन नहीं हुआ है. इस मामले में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है. इसलिए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द की जानी चाहिए तथा न्यायिक हिरासत से रिहा किया जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें: झारखंड में पब्लिक प्लेस पर तंबाकू उत्पादों के सेवन पर अब 1 हजार रुपए जुर्माना, हुक्का बार पर भी रोक, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

20 मई को विनय कुमार चौबे समेत दो किए गए थे अरेस्ट


20 मई 2025 को एसीबी ने आइएएस विनय कुमार चौबे और तत्कालीन संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह को 38 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था. आरोप है कि दो कंपनियों द्वारा फर्जी बैंक गारंटी देने के कारण सरकार को 38 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है. छत्तीसगढ़ में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रांची एसीबी ने भी मामले में वर्ष 2024 में प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थी. आरोप सही पाये जाने पर घोटाले को लेकर कांड संख्या-9/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी.

ये भी पढ़ें: झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC को क्यों जारी किया नोटिस? मेंस की मेरिट लिस्ट को इस वजह से दी गयी है चुनौती

विज्ञापन
Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola