Uttarkashi Tunnel Rescue: रांची के मजदूर की मां बोली, अपनी आंखों से बेटे को देखूंगी, तभी होगा भरोसा

झारखंड के रांची, खूंटी, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम व पश्चिमी सिंहभूम जिले के मजदूर उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिलक्यारा और डंडलगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग में फंसे हुए हैं. रांची के खीराबेड़ा गांव के एक मजदूर की मां ने कहा कि 17 दिनों से उनका बेटा सुरंग में फंसा हुआ है. उसे देखकर बेहद खुशी होगी.
रांची: उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों के परिजनों में खुशी की लहर है. सभी उनके सुरंग से सुरक्षित बाहर निकलने का इंतजार कर रहे हैं. रांची के खीराबेड़ा गांव के एक मजदूर की मां ने कहा कि पिछले 17 दिनों से उनका बेटा सुरंग में फंसा हुआ है. मुझे बेहद खुशी होगी, जब उनका बेटा सुरंग से सुरक्षित बाहर निकलेगा. हालांकि उन्हें तब तक यकीन नहीं होगा, जब तक वे उसे अपनी आंखों से नहीं देख लेतीं. आपको बता दें कि झारखंड के विभिन्न जिलों के 15 मजदूर उत्तरकाशी सुरंग में फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि सुरंग के बाहर एंबुलेंस बुला ली गयी है. कुछ ऑक्सीजन सिलेंडर को टनल में भेजा गया है. जानकारी के अनुसार उन्हें सीधे अस्पताल भेजा जाएगा. मजदूरों के परिजनों को सुरंग के बाहर बुला लिया गया है वे भी उनके साथ अस्पताल जाएंगे.
एक झलक देखने को लेकर परिजनों को बेसब्री से इंतजार
झारखंड से 15 मजदूर सुरंग में फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि शाम पांच बजे तक इन्हें सुरक्षित निकाल लिया जाएगा. रांची, खूंटी, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम व पश्चिमी सिंहभूम जिले के मजदूर उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिलक्यारा और डंडलगांव के बीच निर्माणाधीन सुरंग में फंसे हुए हैं. जानकारी के अनुसार रांची के तीन, खूंटी के तीन, गिरिडीह जिले के बिरनी के दो, पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक और पूर्वी सिंहभूम से छह मजदूर सुरंग में फंसे हुए हैं. उनके परिजनों को उनके सुरक्षित बाहर निकलने का बेसब्री से इंतजार है.
खुशी में बांटी जा रही मिठाई
अनिल बेदिया के घर वापसी की खबर मिलते साथ ही मिठाई बांटी जा रही है. घर-परिवार में खुशी का माहौल है. हर कोई उसकी एक झलक पाने को उत्सुक है. सुरंग में फंसने की खबर से पूरे गांव में उदासी थी. जैसे ही सुरंग से बाहर निकलने की खबर मिली है. ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे हैं.
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लेखक के बारे में
By Guru Swarup Mishra
मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.
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