Political News : यूपीए सरकार ने 2014 में सरना धर्म कोड को किया था रिजेक्ट : भाजपा
Published by : PRADEEP JAISWAL Updated At : 20 May 2025 5:48 PM
प्रदेश भाजपा ने कहा कि सरना धर्म कोड के मुद्दे पर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा घड़ियाली आंसू बहाकर आंदोलन का नाटक कर रही हैं.
प्रमुख संवाददाता, रांची प्रदेश भाजपा ने कहा कि सरना धर्म कोड के मुद्दे पर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा घड़ियाली आंसू बहाकर आंदोलन का नाटक कर रही हैं. कांग्रेस और झामुमो की संयुक्त यूपीए की सरकार में तत्कालीन आदिवासी कल्याण मंत्री वी किशोर चंद्रदेव ने 11 फरवरी 2014 को सरना धर्म कोड को अव्यावहारिक बताते हुए इसे खारिज कर दिया था. उक्त बातें भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहीं. श्री शाहदेव मंगलवार को भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. मौके पर रांची महानगर के मंत्री अजीत भगत, एसटी मोर्चा के महानगर महामंत्री अशोक मुंडा एवं महिला मोर्चा की मीडिया सह प्रभारी सोनी हेंब्रम मौजूद थे. भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि आदिवासी कल्याण मंत्री किशोर चंद्रदेव ने तब यह भी कहा था कि ऐसी मांग को मानने से दूसरे धर्म से भी सैकड़ों मांगें आ सकती हैं, इसीलिए इस मांग का विरोध है. आज कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा सरना धर्म कोड के मुद्दे पर पूरे तरीके से एक्सपोज हो गयी हैं. उन्होंने कहा कि जब वह केंद्र में सत्ता में थी तो इन्होंने इसे खारिज किया था. आज केंद्र में सत्ता से बाहर है तो इस पर आंदोलन करने की बात कर रहे हैं. जनता इनकी सारी चालबाजियों को समझती है. कहा कि कांग्रेस और झामुमो ने बेशर्मी की सारी सीमाओं को तोड़ दिया है. 2014 के अपने सरना धर्म कोड की मांग को खारिज करने वाले कुकृत्य को भूलकर फिर से एक बार आंदोलन और धरना प्रदर्शन की बातें कर रहे हैं. सबसे पहले इन दोनों दलों को सरना आदिवासी समाज से अपने 2014 के कुकृत्य के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.
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