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अधर्मी संतान को कभी संरक्षण नहीं देना चाहिए, कृष्ण जन्म कथा में बोले पंडित रामदेव

Updated at : 19 Oct 2022 8:08 PM (IST)
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अधर्मी संतान को कभी संरक्षण नहीं देना चाहिए, कृष्ण जन्म कथा में बोले पंडित रामदेव

महाभारत काल में सभी राष्ट्र द्वारिका और मथुरा को पाने के लिए लालायित थे. मथुरा में अपने ही पिता, बहन और जीजा को बंदी बनाने वाला कंस हो या राजगीर में हजारों राजाओं को बंदी बनाने वाला जरासंध. 16 हजार युवतियों को कैद करने वाला भोमासुर गुवाहाटी का शासक था.

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अधर्मी संतान को कभी संरक्षण नहीं देना चाहिए. भले कुल का नाश ही क्यों न हो जाये. कृष्ण जन्म के समय जो परिस्थितियां थीं, कमोबेश आज भी वैसी ही परिस्थितियां हैं. जिस तरह द्वापर में सभी द्वारिका और मथुरा को हासिल करने के लिए लालायित थे, उसी तरह आज भी देश में तमाम राजनीतिक दल सत्ता के लिए हर तरह के तिकड़म भिड़ा रहे हैं. पंडित रामदेव ने बुधवार को श्रीमद्भागवत की कथा के दौरान कृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते हुए ये बातें कहीं.

अनैतिक कार्यों में लिप्त थे उस समय के राजा

रांची में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उन्होंने कहा कि कृष्ण के जन्म के समय जिस तरह की राजनीतिक, सामाजिक परिस्थितियां थीं, आज वैसी ही परिस्थितियों से देश गुजर रहा है. महाभारत काल में सभी राष्ट्र द्वारिका और मथुरा को पाने के लिए लालायित थे. मथुरा में अपने ही पिता, बहन और जीजा को बंदी बनाने वाला कंस हो या राजगीर में हजारों राजाओं को बंदी बनाने वाला जरासंध. 16 हजार युवतियों को कैद करने वाला भोमासुर गुवाहाटी का शासक था.

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राज दरबार में हिंसा की शिकार थी द्रौपदी

श्रीमद्भागवत कथा का प्रसंग सुनाते हुए श्री पांडेय ने कहा कि नागपुर में शिशुपाल राजा था, तो हिमाचल प्रदेश में मानव खाने वाला राक्षस हिडिंब. धृतराष्ट्र की संतान दुर्योधन कभी अपने भाईयों को लाक्षागृह में जिंदा जलाने की योजना बना रहा था, तो कभी अज्ञातवास भेजकर हस्तिनापुर पर अकेले राज करना चाहता था. द्रौपदी राज दरबार में स्त्री हिंसा की शिकार थी.

धरती को पाप से मुक्ति दिलाने के लिए कृष्ण ने रची महाभारत

यही वजह है कि भगवान कृष्ण को धरती को पाप से मुक्ति दिलाने के लिए महाभारत की योजना बनानी पड़ी. उन्होंने इसके लिए अनैतिक रास्ता नहीं अपनाया. राजनीतिक और कूटनीतिक मार्ग चुना और महाभारत के युद्ध में अनैतिक कार्यों में लिप्त राजाओं से इस संसार को मुक्ति दिलायी. भगवान कृष्ण ने भारत में धर्म की स्थापना की. साथ ही संदेश दिया कि धर्म ही सर्वोपरि है.

20 अक्टूबर को होगा रुक्मिणी-कृष्ण विवाह प्रसंग

रामदेव पांडेय ने श्रीमद्भागवत कथा में कहा कि भले ही कुल का नाश हो जाये, अधर्मी संतान को कदापि संरक्षण नहीं देना चाहिए. उन्होंने कहा कि गुरुवार को रुक्मिणी-कृष्ण विवाह का प्रसंग होगा. श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन बरियातू स्थित रांची यूनवर्सिटी कॉलोनी के पास स्थित राम मंदिर में किया गया है. इसका आयोजन महिला भक्ति परिषद ने किया है. 21 अक्टूबर को इसका समापन होगा.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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