गिरमिटिया देशों में हिन्दी पत्रकारिता और साहित्य पर मंथन, बीएचयू में जुटेंगे विद्वान
Published by : YUVRAJ RATAN Updated At : 03 Jun 2026 5:03 PM
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की तस्वीर
Gopalganj News : बीएचयू में जुटेंगे शिक्षाविद, शोधार्थी और साहित्यकार, गिरमिटिया विरासत पर होगा विचार-विमर्श
Gopalganj News (संजय अभय) : सूरीनाम में भारतीय आगमन दिवस के उपलक्ष्य में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में 4 एवं 5 जून को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है़ जिसका उद्घाटन बिहार के शिक्षामंत्री मिथिलेश तिवारी करेंगे. सम्मेलन का विषय “गिरमिटिया देशों में हिन्दी पत्रकारिता एवं साहित्य का सामाजिक आंदोलन, स्वतंत्रता, शिक्षा एवं संस्कृति में योगदान” रखा गया है. निलकंठ फाउंडेशन के संस्थापक मंजीत त्रिपाठी ने कहा कि यह सम्मेलन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, कला संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी, ग्लोबल गिरमिटिया काउंसिल, वाराणसी तथा भारत सेवा ट्रस्ट, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है. सम्मेलन का आयोजन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर स्थित के. एन. उड़प्पा सभागार में होगा.
देश-विदेश के विद्वान करेंगे मंथन, प्रवासी भारतीयों की विरासत पर होगी चर्चा
कार्यक्रम का शुभारंभ 4 जून को प्रातः 10 बजे से होगा. आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान, शिक्षाविद, शोधार्थी, पत्रकार और साहित्यकार भाग लेंगे. सम्मेलन के दौरान गिरमिटिया देशों में हिन्दी भाषा, साहित्य और पत्रकारिता के विकास, भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर व्यापक चर्चा की जाएगी. गिरमिटिया देशों में बसे भारतीय मूल के समुदायों द्वारा हिन्दी भाषा और भारतीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के प्रयासों को रेखांकित करना है. साथ ही विभिन्न देशों के विशेषज्ञ अपने शोधपत्रों एवं विचारों के माध्यम से प्रवासी भारतीय समाज की ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक भूमिका पर प्रकाश डालेंगे.
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