प्रचंड गर्मी में लोड बढ़ने से जल रहे ट्रांसफाॅर्मर, बार-बार बिजली कटौती से रांची के लोग बेहाल

Updated at : 31 May 2024 12:23 AM (IST)
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रांची में प्रतिदिन औसतन आठ से 10 ट्रांसफाॅर्मर जल रहे हैं. उद्योग धंधों पर भी पड़ रहा है बिजली कटौती का असर.

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रांची. प्रचंड गर्मी में बिजली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. राजधानी रांची समेत राज्य के सभी हिस्सों में लगातार हो रहे पावर कट से लोग परेशान हैं. गर्मी का आलम यह है कि इसकी तपिश से ट्रांसफाॅर्मर भी तप रहे हैं. राजधानी रांची में प्रतिदिन औसतन आठ से 10 ट्रांसफाॅर्मर जल रहे हैं. रांची एरिया बोर्ड के अधीक्षण अभियंता डीके सिंह ने कहा कि गर्मी की वजह से लोड बढ़ने से ट्रांसफाॅर्मर गर्म (हीट) होकर जल जा रहा है. बिजली कटौती का असर उद्योग धंधों पर भी पड़ रहा है.

कोकर में 10 एमवीए का पावर ट्रांसफाॅर्मर जला, बड़े इलाके प्रभावित

रांची के कोकर रूरल सबस्टेशन में 10 एमवीए का पावर ट्रांसफाॅर्मर लोड बढ़ने से जल गया. इसका असर कोकर, लालपुर, वर्धमान कंपाउंड समेत बड़े हिस्सों पर पड़ा. हालांकि, उक्त पावर ट्रांसफॉर्मर का लोड कोकर अरबन में बांट दिया गया. इस कारण इन इलाकों में लोड शेडिंग कर बिजली दी जा रही है. बताया गया कि शुक्रवार को ट्रांसफाॅर्मर बदल दिया जायेगा. तब इन इलाकों में आपूर्ति सामान्य हो सकेगी.

हटिया ग्रिड में पानी डालकर ट्रांसफाॅर्मर को किया जा रहा ठंडा

इधर, हटिया ग्रिड में गर्मी की वजह से 150 एमवीए का पावर ट्रांसफॉर्मर हीट हो जा रहा है. पानी डाल कर इसे ठंडा किया जा रहा है. साथ ही कूलिंग फैन लगाये गये हैं. अधिकारियों ने बताया कि ज्यादा गर्म होने पर एक से दो घंटे के लिए बिजली काट देते हैं, ताकि सिस्टम न बैठ जाये.

बिजली की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि

इधर, राज्य में बिजली की मांग में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि देखी गयी है. सामान्य दिनों में पूरे राज्य में जहां 1900 से 2100 मेगावाट बिजली की जरूरत पड़ती थी. वहीं, गर्मी में मांग बढ़कर 2700 से 2800 मेगावाट तक हो जा रही है. देश भर में गर्मी का सबसे ज्यादा साइड इफेक्ट पानी आधारित हाइड्रल पावर प्रोजेक्ट पर पड़ा है. पानी आधारित नेशनल हाइड्रल पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) से बिजली उत्पादन में कमी आयी है. एनएचपीसी से झारखंड को करीब 500 मेगावाट तक बिजली मिलती है. मगर, अभी झारखंड को 200 से 250 मेगावाट ही बिजली मिल रही है. वहीं, पूरे राज्य में करीब 400-500 मेगावाट बिजली की कमी दर्ज की जा रही है. पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन से खरीद कर कमी को पूरा किया जा रहा है.

डीवीसी कमांड एरिया में भी बिजली कटौती

इधर, डीवीसी अपने कमांड एरिया को नहीं संभाल पा रहा है. धनबाद, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, चतरा, कोडरमा व हजारीबाग में डीवीसी ढाई सौ मेगावाट की बिजली कटौती कर रहा है. इस कारण कमांड एरिया में छह से सात घंटे तक का पावर कट हो रहा है. ऊपर से लोकल फॉल्ट ने समस्या और बढ़ा दी है. डीवीसी अपने कमांड एरिया में करीब 600 से 7000 मेगावाट बिजली आपूर्ति करता है. फिलहाल ढाई सौ मेगावाट तक की कमी दर्ज की जा रही है. इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति पर पड़ रहा है.

बिजली व्यवस्था बनाये रखने के लिए दिन-रात काम कर रहे कर्मी

रांची में लोकल फॉल्ट के कारण पावर कट की समस्या अधिक है. सुबह से रात तक बिजली का आना-जाना लगा रहता है. ट्रांसफाॅर्मर जलने व फेज आउट होने की समस्या बनी रहती है. इधर, बिजली कर्मी भी दिनरात काम कर रहे हैं. हरमू में बीती रात ट्रांसफाॅर्मर जला, तो सुबह तीन बजे तक उसे बदल दिया गया. हिंदपीढ़ी (मारवाड़ी कॉलेज) में रात 11 बजे एक फेज में लो वोल्टेज की समस्या आयी. शिकायत करने पर 12 बजे तक उसे ठीक कर दिया गया. बिजली अफसरों का साफ निर्देश है कि रोटेशन के तहत रात में सभी सबस्टेशन में जेई और ऑपरेशन-मेटेनेंस गैंग तैनात रहेंगे.

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