Corona Effect : रिम्स में पहले से पड़ी है तीन पीसीआर मशीन, पर नहीं किया जा रहा उपयोग

Author Pritish Sahay|Edited by Prabhat Khabar
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रिम्स में कोरोना वायरस की जांच के लिए रियल टाइम पीसीआर मशीन की खरीद प्रक्रिया तेज हो गयी है. मशीन के लिए कंपनी को ऑर्डर भी दे दिया गया है. इधर, रिम्स में तीन पीसीआर मशीन करीब एक साल से पड़ी हुई है. उक्त मशीन बायोकेमेस्ट्री, लैब मेडिसिन व पैथोलॉजी विभाग में रखी है, लेकिन इन विभागों ने इसका उपयोग नहीं किया.

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रांची : रिम्स में कोरोना वायरस की जांच के लिए रियल टाइम पीसीआर मशीन की खरीद प्रक्रिया तेज हो गयी है. मशीन के लिए कंपनी को ऑर्डर भी दे दिया गया है. इधर, रिम्स में तीन पीसीआर मशीन करीब एक साल से पड़ी हुई है. उक्त मशीन बायोकेमेस्ट्री, लैब मेडिसिन व पैथोलॉजी विभाग में रखी है, लेकिन इन विभागों ने इसका उपयोग नहीं किया. सूत्र बताते हैं कि विभागों को वायरस की जांच के लिए मशीन उपलब्ध करायी गयी थी, लेकिन किसी विभाग ने इसमें रुचि नहीं दिखायी.

राज्य में जब कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हुआ व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बैठक की थी, तो पता चला कि रिम्स में तीन पीसीआर मशीन पड़ी हुई है, लेकिन जांच के लिए इसका उपयोग नहीं हुआ है. हालांकि डॉक्टरों ने उस समय यह दलील दी थी कि कोरोना वायरस की जांच के लिए रियल टाइम पीसीआर मशीन ही उपयोगी है. इसलिए पीसीआर मशीन की जांच रिपोर्ट को ज्यादा सही नहीं माना जा सकता है. डॉक्टरों की दलील पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने तत्काल काेरोना वारयस से निबटने के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया था.

कोरोना वायरस की जांच के लिए रिम्स मंगा रहा है रियल टाइम पीसीआर मशीन

डॉक्टरों के अनुसार, पीसीआर मशीन की जांच रिपोर्ट को ज्यादा सही नहीं माना जा सकता है

कोरोना वायरस की जांच के लिए रियल टाइम पीसीआर मशीन ही उपयोगी है

बायोकेमेस्ट्री, लैब मेडिसिन व पैथोलॉजी विभाग में मशीन है. मशीन तो उपयोग के लिए ही मंगायी गया होगी, लेकिन क्यों इन मशीनों का उपयोग नहीं हो रहा है, इसकी जानकारी ली जायेगी.

डॉ दिनेश कुमार सिंह, निदेशक, रिम्स

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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