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झारखंड में अब नहीं है कोई रेड जोन जिला, 3.15 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों की हो चुकी वापसी

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
कोरोना से बचाव और लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते अधिकारी.
कोरोना से बचाव और लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते अधिकारी.
फोटो : आईपीआरडी.

रांची : झारखंड के स्वास्थ्य डाॅ नितिन मदन कुलकर्णी ने शुक्रवार को बताया कि केंद्र सरकार की नयी गाइडलाईन के अनुसार, राज्य में कोई जिला रेड जोन नहीं है. वहीं, झारखंड के कोरोना संबंधित मामलों के मुख्य नोडल पदाधिकारी अमरेंद्र प्रताप सिंह ने राज्य में 3.15 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों के वापस आने की बात कही.

झारखंड राज्य में कोरोना से बचाव और लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य विभाग के सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि केंद्र सरकार की नयी गाइडलाईन के अनुसार, राज्य में कोई जिला रेड जोन नहीं है. राज्य में अभी तक 308 लोग कोविड-19 के टेस्ट में पॉजिटिव पाये गये हैं, जिसमें 136 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हुए हैं. वहीं, 3 की मृत्यु हुई है. राज्य में अभी कुल 169 एक्टिव केस है. सरकार की ओर से अब तक राज्य में 42 हजार 245 टेस्ट किये गये हैं, जिनमें सरकार द्वारा स्थापित लैब में 40 हजार 280 टेस्ट हुए हैं, जबकि 1 हजार 965 टेस्ट निजी लैब में किये गये हैं. राज्य में अभी मृत्यु दर 0.97 प्रतिशत है.

राज्य में रिकवरी रेट 44.2 प्रतिशत

राज्य में टेस्टिंग के लिए 10 नयी ट्रूनेट मशीन लगा दी गयी है. इस मशीन के स्थापित होने से जांच की प्रक्रिया में तेजी आयेगी और दिनभर एक मशीन से 40 टेस्ट किये जा सकेंगे. उन्होंने कहा कि खूंटी, पाकुड़ और साहेबगंज में एक भी कोविड-19 का पॉजिटिव केस नहीं आया है. वहीं, 19 हजार 686 प्रवासी मजदूरों के टेस्ट लिये गये हैं. राज्य में रिकवरी रेट 44.2 प्रतिशत है.

बस व स्पेशल ट्रेन से आये मजदूर

झारखंड के कोरोना संबंधित मामलों के मुख्य नोडल पदाधिकारी अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य में वापस आये 3.15 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों को बसों एवं स्पेशल ट्रेन के माध्यम से लाया गया है. सभी प्रवासी मजदूरों की स्क्रिनिंग भी की गयी है. केंद्र सरकार की नयी गाइडलाईन के उपरांत सुविधाएं बढ़ी हैं. अब ट्रेनों को जहां से आना है, उस राज्य की जवाबदेही सुनिश्चित की गयी है. साथ ही विभिन्न जिलों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए भी अपने घर जाना आसान हो गया है, क्योंकि ट्रेन अब शिड्यूल्ड तरीके से चल रही है.

झारखंड के 18 लोग पहुंचे स्वदेश

श्री सिंह ने कहा कि वंदे भारत मिशन के तहत अब तक 18 लोग विदेश से वापस आ चुके हैं, जिनमें से 13 लोगों को झारखंड में पेड क्वारंटाईन में रखा गया है, जबकि अन्य 5 लोगों को देश के अन्य स्थानों पर क्वारंटाईन किया गया है. उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव झारखंड की ओर से अन्य प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेज कर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि वैसे मजदूरों को बस एवं अन्य माध्यमों से झारखंड वापस लाया जा सके, जो पैदल चलते हुए अपने घर वापस आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में होने वाले खर्च का वहन राज्य सरकार की ओर से किया जायेगा.

झारखंड पहुंची 103 ट्रेनें, 84 ट्रेन आगे के लिए शेड्यूल्ड

राज्य स्तरीय यातायात सचिव के रवि कुमार ने कहा कि अभी तक बस के माध्यम से लगभग 1 लाख 1 हजार 229 लोग वापस आ चुके हैं. वहीं, 103 ट्रेनें विभिन्न राज्यों से झारखंड आयी है और 84 ट्रेन आगे के लिए शेड्यूल्ड है. अभी तक 1 लाख 38 हजार 564 प्रवासी मजदूर श्रमिक एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन के माध्यम से राज्य में वापसी कर चुके हैं. राज्य में निजी वाहनों से भी आवागमन के लिए पास निर्गत किया जा रहा है. अभी तक कुल 2 लाख 17 हजार 214 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनपर विचार कर कार्रवाई की गयी है.

आने को इच्छुक प्रवासी को लाया जा रहा वापस

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी किये गये निदेश के बाद कई राज्यों से लोगों की वापसी हो रही है. काफी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर वापस आ रहे हैं. इस संदर्भ में सभी ग्रास रूट लेवल पर कार्य किये जा रहे हैं. उन्होंने सोशल पुलिसिंग पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षे़त्रों में विशेष सतर्कता के लिए सभी जिलों के उपायुक्तों को गाइडलाईन के मुताबिक काम करने का आदेश निर्गत किया गया है. इसके लिए ग्राम प्रमुख, मुखिया,आंगनबाड़ी सेविका, सहिया, चौकीदार, स्कूल कमिटी, शिक्षक आदि को घर- घर तक जानकारी पहुंचाने और उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के क्रम में कैसे रहना है, इस ओर प्रेरित करने का कार्य किया जा रहा है.

श्री कौशल ने कहा कि वर्तमान में होम क्वारंटाईन में 1 लाख 57 हजार 941 लोगों को रखा गया है, जबकि सरकारी क्वारंटाईन सेंटर में 1 लाख 12 हजार 189 लोगों को क्वारंटाईन किया गया है. उन्होंने कहा कि आपदा विभाग की ओर से अब तक 74 करोड़ 53 लाख 28 हजार रुपये की राशि विभिन्न जिलों एवं विभागों को कोविड से संबंधित मामलों के निष्पादन के लिए आवंटित की गयी है. इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी को अधिकृत किया गया है, जिन्हें तय करना है कि जिलों में कहां और क्या व्यवस्था करनी है.

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