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कचरे से बने गैस से शहर की सड़कों पर दौड़ेंगी गाड़ियां, रांची नगर निगम और गेल इंडिया के बीच हुआ करार

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
सीएम हेमंत सोरेन की मौजूदगी में रांची नगर निगम और गेल इंडिया के बीच हुआ MOU.
सीएम हेमंत सोरेन की मौजूदगी में रांची नगर निगम और गेल इंडिया के बीच हुआ MOU.
सोशल मीडिया.

Jharkhand News, Ranchi News, रांची न्यूज : झारखंड की राजधानी रांची के कचरे से अब शहरों की सड़कों पर गाड़ियां दौड़ेंगी. झारखंड सरकार (Jharkhand government) और गेल इंडिया लिमिटेड (Gail India Limited) ने राजधानी रांची को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उदेश्य से रांची को एक बड़ी सौगात दी है. गुरुवार (18 मार्च, 2021) को विधानसभा परिसर स्थित सीएम ऑफिस चैंबर में सीएम हेमंत सोरेन की उपस्थिति में गेल इंडिया लिमिटेड और रांची नगर निगम के बीच कचरा से गैस उत्पादन के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट के निर्माण को लेकर MOU साइन किया गया.

बता दें कि रांची में हर दिन 300 टन ऑर्गेनिक कचरा का प्रोसेसिंग कर करीब 10 टन प्रतिदिन कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. गेल इंडिया लिमिटेड इसके लिए 150-150 टन का दो प्लांट लगायेगा. पहले चरण में एक प्लांट लगाया जायेगा. इसके निर्माण में करीब दो साल का समय लग सकता है. इसके लिए रांची नगर निगम झिरी में 8 एकड़ जमीन गेल इंडिया लिमिटेड को उपलब्ध करा रहा है. वहीं, दूसरे फेज में अगर जरूरत पड़ी, तो नगर निगम अतिरिक्त जमीन की भी व्यवस्था करेगा.

मौके पर गेल इंडिया की ओर से कार्यकारी निदेशक केबी सिंह और रांची के नगर आयुक्त मुकेश कुमार ने MOU पर हस्ताक्षर किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गेल इंडिया लिमिटेड और रांची नगर निगम को बधाई भी दी. वहीं, विभागीय सचिव विनय कुमार चौबे ने भी नगर निगम और गेल इंडिया के अधिकारियों को बधाई देते हुए जल्द इस दिशा में कार्य शुरू करने का निर्देश दिया.

क्या होगा इस प्लांट में खास

गेल इंडिया लिमिटेड रांची में दो चरणों में हर दिन 300 मीट्रिक टन ऑर्गेनिक अपशिष्ट प्रसंस्करण प्लांट लगायेगा. पहले चरण में 150 टन क्षमता वाला ऑर्गेनिक अपशिष्ट प्रसंस्करण प्लांट का निर्माण होगा. एक प्लांट एक दिन में 5 टन कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन करेगा. इस प्लांट की उम्र सीमा 20 साल से अधिक की होगी. प्लांट के लिए जरूरी 8 एकड़ जमीन रांची नगर निगम लीज रेंट पर गेल इंडिया लिमिटेड को उपलब्ध करायेगा. प्लांट के निर्माण में आनेवाला खर्च करीब 28.19 करोड़ रुपया होगा जो गेल इंडिया खर्च करेगा.

दो गैस फिलिंग प्लांट का होगा निर्माण

शहर के अंदर और शहर के बाहरी क्षेत्र में 2 गैस फिलिंग प्लांट का निर्माण किया जायेगा. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद रांची नगर निगम द्वारा कचरे के प्रसंस्करण पर किये जा रहे खर्च से 20 साल में 81 करोड़ रुपया बचा सकेगा. वहीं, दो आउटलेट के लिए 3600 वर्गमीटर का एक प्लॉट शहर में और दूसरा शहर से बाहर नगर निगम उपलब्ध करायेगा. गेल इंडिया लिमिटेड अपने आमदनी का 10 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम को देगा जिससे कचरे के ट्रांसपोर्टेशन में मदद मिलेगी. रांची नगर निगम अपशिष्ट प्रसंस्करण के मामले में कार्बन क्रेडिट्स का 100 फीसदी दावा कर सकेगा. इससे वैज्ञानिक तरीके से होने वाले प्रसंस्करण के कारण कचरा से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण स्तर में कमी आयेगी.

विधानसभा परिसर में MOU के वक्त राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा रांची की मेयर आशा लकड़ा, डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव विनय कुमार चौबे, राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक अमित कुमार, रांची के नगर आयुक्त मुकेश कुमार, तो दूसरी तरफ गेल इंडिया लिमिटेड की ओर से भारत सरकार में संयुक्त सचिव आशीष चटर्जी, गेल इंडिया लिमिटेड के निदेशक (BD) एमवी अय्यर, कार्यकारी निदेशक (Projects) गेल इंडिया लिमिटेड केबी सिंह और गेल के महाप्रबंधक(CGD) आलोक कुमार मौजूद रहे.

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