Ranchi News : जीवन जीने की कला सिखाती है गीता : मां चैतन्य मीरा
Author Lata rani
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रांची जिला मारवाड़ी महिला सम्मेलन द्वारा महाराजा अग्रसेन भवन में श्रीमद् भागवत कथा का समापन शनिवार को विश्राम आरती के साथ हुई.
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महाराजा अग्रसेन भवन में श्रीमद् भागवत कथा का समापन
रांची. रांची जिला मारवाड़ी महिला सम्मेलन द्वारा महाराजा अग्रसेन भवन में श्रीमद् भागवत कथा का समापन शनिवार को विश्राम आरती के साथ हुई. मां चैतन्य मीरा ने बताया कि किस प्रकार द्वारकाधीश ने अपने मित्र सुदामा पर कृपा बरसायी. उन्होंने बताया कि यदि मित्र हो तो सुदामा जैसा होना चाहिए. मित्र के आगे बढ़ने पर प्रसन्नता हो, इर्ष्या या द्वेष की भावना नहीं हो. गीता भी एक ऐसा जीवन का सार है, जो हर धर्म के व्यक्ति को जीवन जीने की कला सिखाती है. भंडारा का आयोजन किया गया. कथा में मुख्य रूप से नीरा बथवाल, रूपा अग्रवाल, गीता डालमिया, अनसूया नेवटिया, मधु सर्राफ, उर्मिला पाड़िया, अलका सरावगी, रीना सुरेखा, प्रीति पोद्दार, नैना मोर ने योगदान दिया. इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष नैना मोर ने सवा लाख तुलसी के पौधों का वितरण किया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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