खौफ का दूसरा चेहरा : समय पर होता इलाज, तो बच जाती मंगल की जान

Updated at : 23 Apr 2020 2:21 AM (IST)
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खौफ का दूसरा चेहरा : समय पर होता इलाज, तो बच जाती मंगल की जान

रांची : कोरोना के खौफ में अस्पताल की छत से छलांग लगानेवाले मंगल कच्छप की जान बचायी जा सकती थी, लेकिन रिम्स के डॉक्टरों ने संजीदगी नहीं दिखायी. बरियातू जोड़ा तालाब के समीप स्थित लेकव्यू अस्पताल की छत से नीचे छलांग लगाने के कारण मंगल को हाथ-पैर और सिर में गंभीर चोटें आयी थी. बरियातू […]

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रांची : कोरोना के खौफ में अस्पताल की छत से छलांग लगानेवाले मंगल कच्छप की जान बचायी जा सकती थी, लेकिन रिम्स के डॉक्टरों ने संजीदगी नहीं दिखायी. बरियातू जोड़ा तालाब के समीप स्थित लेकव्यू अस्पताल की छत से नीचे छलांग लगाने के कारण मंगल को हाथ-पैर और सिर में गंभीर चोटें आयी थी. बरियातू थाना प्रभारी उसे लेकर तत्काल रिम्स के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे. लेकिन क्वारेंटाइन का मरीज होने की वजह से इमरजेंसी के डॉक्टरों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया. उसे कोविड-19 अस्पताल में भेज दिया गया. लेकिन वहां भी उसका इलाज नहीं हुआ. वहां से वापस उसे इमजेंसी में भेज दिया गया. यहां से वहां दौड़ाने पर थाना प्रभारी नाराज हो गये, उन्होंने डॉक्टरों को चेतावनी दी कि वे पूरे मामले की शिकायत डीसी से करेंगे. इसके बाद डॉक्टरों ने मंगल का इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. थोड़ी ही देर में मंगल ने दम तोड़ दिया.

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