आदिवासी हॉस्टल के डाइनिंग हॉल में हुआ था पहला सरहुल पूर्व संध्या समारोह
इस वर्ष रांची में 37वां सरहुल पूर्व संध्या समारोह होगा. सरना नवयुवक संघ 1987 से सरहुल और करम पूर्व संध्या समारोह का आयोजन करता आ रहा है.
रांची. इस वर्ष रांची में 37वां सरहुल पूर्व संध्या समारोह होगा. सरना नवयुवक संघ 1987 से सरहुल और करम पूर्व संध्या समारोह का आयोजन करता आ रहा है. संघ के संस्थापक सदस्य डॉ हरि उरांव बताते हैं कि संघ के गठन के बाद पहला आयोजन आदिवासी हॉस्टल के डाइनिंग हॉल में हुआ था. तब रांची के तत्कालीन डीसी मदन मोहन झा, वरीय पुलिस अधिकारी (अब मंत्री) डॉ रामेश्वर उरांव विशेष रूप से शामिल हुए थे. आयोजन में स्व डॉ करमा उरांव, विनोद भगत, साधु उरांव, प्रो बासंती कुजूर, हरि उरांव, स्व महेश भगत आदि अहम योगदान रहा था. दीपशिखा की छात्राओं ने पारंपरिक वाद्ययंत्र मांदर, नगाड़े की धुन पर सरहुल के गीत और नृत्य की प्रस्तुति दी थी. इसके बाद जगह की कमी होने पर समारोह रांची कॉलेज (डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि) के सभागार में आयोजित होने लगा. जब वहां भी जगह कम पड़ने लगी, तो दीक्षांत मंडप में समारोह होने लगा.
सरहुल फूल पत्रिका से लेखन को दिया बढ़ावा
1987 से ही सरहुल पूर्व और करम पूर्व संध्या समारोह के साथ-साथ इन दोनों ही अवसरों पर सरहुल फूल पत्रिका भी निकाली जा रही है. इस पत्रिका में आदिवासी पर्व, रीति-रिवाज, परंपरा व आदिवासी मुद्दों पर लेख प्रकाशित होते हैं. डॉ हरि उरांव ने कहा कि इस पत्रिका के माध्यम से आदिवासी विद्यार्थियों में लेखन कार्य को प्रोत्साहित किया जा रहा है. कई नये लेखकों को बेहतर मंच मिला है. उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के जरिए सरना नवयुवक संघ आदिवासी युवाओं के बीच सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है. लीडरशिप का गुण भी विकसित कर रहा है.आपके शहर में
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