डायन का आरोप लगा भीड़ ने दंपती को पीट-पीट कर मार डाला, हत्याकांड में किसी को नामजद नहीं कर सकी पुलिस

बेड़ो थाना क्षेत्र के रोगाडीह पतराटोली गांव में डायन-बिसाही के आरोप में मंगलवार तड़के वृद्ध दंपती की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी. मृतकों में बिरसी उरांइन (55 वर्ष) और उसका पति मंगरा उरांव (75 वर्ष) शामिल हैं.
रांची/बेड़ो : बेड़ो थाना क्षेत्र के रोगाडीह पतराटोली गांव में डायन-बिसाही के आरोप में मंगलवार तड़के वृद्ध दंपती की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी. मृतकों में बिरसी उरांइन (55 वर्ष) और उसका पति मंगरा उरांव (75 वर्ष) शामिल हैं. जानकारी के अनुसार, सूचना मिलने पर थाना प्रभारी श्याम बिहारी मांझी पुलिस बल के साथ गांव के सरना स्थल के पास पहुंचे. वहां बिरसी का शव पड़ा था, पास में ही गंभीर रूप से घायल उसका पति मंगरा भी गिरा था.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया. वहीं, परिजन घायल मंगरा को इलाज के लिए बेड़ो अस्पताल ले गये. वहां से इलाज करा कर घर ले आये. देर शाम उनकी भी मौत हो गयी. इस मामले में मृत दंपती के बेटे सोमरा उरांव उर्फ गुड्डू ने बेड़ो थाने में 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी है.
मृत दंपती के पुत्र सोमरा उरांव ने बेड़ो थाने में दिये आवेदन में लिखा है कि कुछ दिनों से उसकी मां बिरसी उरांइन की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. वह अक्सर रात में घर से बाहर निकल जाती थी. साथ ही पानी रखनेवाले डमरा (मिट्टी के बर्तन) में तेल-पानी रखकर झंडा हिलाती थी. सोमवार को भी वह रात एक बजे करीब घर से निकल गयी थी.
बाद में उसके पिता मंगरा उरांव मां को पकड़ कर घर लाये और सुला दिया. उसके बाद घर के सभी सदस्य सो गये. सुबह उठे, तो शोर सुनकर घरवाले गांव के सरना स्थल के पास पहुंचे. वहां देखा कि उसकी मां मृत पड़ी है, जबकि घायल पिता भी बेहोश पड़े हैं. गांव के मुखिया की मदद से वह अपने पिता को बेड़ो अस्पताल ले गया. वहां से इलाज कराने के बाद दोपहर एक बजे उन्हें घर ले आया, जहां देर शाम उनकी मौत गयी.
इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रखंड प्रमुख महतो भगत, मुखिया बसंती कुमारी, राशन डीलर संतोष लकड़ा पीड़ित के घर पहुंचे. परिजन से घटना की जानकारी लेने के बाद इन्होंने परिजन को चावल मुहैया कराया.
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कुछ दिनों से महिला की मानसिक स्थिति
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ठीक नहीं थी, करती थी अजीब हरकतें
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घर में घायल पड़ा मंगरा उरांव, जिसकी बाद में मौत हो गयी. घटनास्थल पर मृतका बिरसी उरांइन का खून से सना कपड़ा.
इस हत्याकांड में किसी को नामजद नहीं किया जा सका है, क्योंकि पुलिस मंगरा उरांव का बयान नहीं ले पायी. इस संबंध में ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने बताया कि मंगरा को अंदरूनी चोट थी, जिससे वह ठीक से बोल नहीं पा रहा था. यही वजह है कि उसका बयान नहीं लिया जा सका. ऐसा लग रहा है कि गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण उसकी मौत हुई है.
उन्होंने कहा कि हत्या डायन-बिसाही का आरोप लगा कर की गयी है, इसका मतलब है कि इसकी तैयारी पहले से थी. मृत दंपती के पुत्र ने प्राथमिकी में किसी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी है. हालांकि उसे पता होगा कि उसकी मां से किन लोगों को ज्यादा परेशानी थी.
Post by : Pritish Sahay
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By Prabhat Khabar News Desk
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