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Ranchi news : फीस वृद्धि पर भड़के छात्र: डीएसपीएमयू में चौथे दिन भी ठप रही पढ़ाई, तालाबंदी जारीफोटो::: ट्रैक पर हैरांची. डीएसपीएमयू में कॉमर्स विभाग की फीस वृद्धि के खिलाफ आदिवासी छात्र संघ और आइसा का आंदोलन शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा. तालाबंदी के कारण विवि में पठन-पाठन पूरी तरह बाधित रहा. सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र कैंपस पहुंचे, लेकिन कक्षाएं बंद होने के कारण वे इधर-उधर घूमते रहे और बाद में निराश होकर लौट गये. विवि मुख्य द्वार पर छात्र संगठनों ने धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए फीस वृद्धि वापस लेने की मांग कर रहे थे. उनका कहना है कि जब तक फीस पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक तालाबंदी जारी रहेगी और आंदोलन तेज किया जायेगा.वर्ष 2022 से यह प्रणाली लागू है: विवि प्रशासनउधर, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि 2021 में कॉमर्स विभाग की शुरुआत वार्षिक 5000 शुल्क के साथ हुई थी, लेकिन 2022 से सेमेस्टर प्रणाली लागू की गयी है, जिसके तहत पिछले तीन वर्षों से वही शुल्क लिया जा रहा है. सारे विद्यार्थी पास आउट होकर निकल भी गये. प्रशासन के अनुसार, सेल्फ फाइनेंस कोर्स में डीएसपीएमयू सबसे कम शुल्क ले रहा है, जबकि अन्य विश्वविद्यालयों में यह शुल्क काफी अधिक है. बताया गया कि कॉमर्स विभाग में नियमित पद स्वीकृत नहीं होने के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन छात्रों से प्राप्त शुल्क से ही दिया जाता है, जिसे ऑडिट में भी सही पाया गया है.क्या कहते हैं डीएसडब्ल्यू :विवि के डीएसडब्ल्यू डॉ सर्वोत्तम कुमार ने तालाबंदी को अनुचित बताते हुए कहा कि किसी एक विभाग के मुद्दे पर पूरी यूनिवर्सिटी को बंद कर देना और क्लास बाधित करना छात्र संगठनों के अधिकार क्षेत्र में नहीं है.

Updated at : 22 Nov 2025 8:27 PM (IST)
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Ranchi news : फीस वृद्धि पर भड़के छात्र: डीएसपीएमयू में चौथे दिन भी ठप रही पढ़ाई, तालाबंदी जारीफोटो::: ट्रैक पर हैरांची. डीएसपीएमयू में कॉमर्स विभाग की फीस वृद्धि के खिलाफ आदिवासी छात्र संघ और आइसा का आंदोलन शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा. तालाबंदी के कारण विवि में पठन-पाठन पूरी तरह बाधित रहा. सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र कैंपस पहुंचे, लेकिन कक्षाएं बंद होने के कारण वे इधर-उधर घूमते रहे और बाद में निराश होकर लौट गये. विवि मुख्य द्वार पर छात्र संगठनों ने धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए फीस वृद्धि वापस लेने की मांग कर रहे थे. उनका कहना है कि जब तक फीस पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक तालाबंदी जारी रहेगी और आंदोलन तेज किया जायेगा.वर्ष 2022 से यह प्रणाली लागू है: विवि प्रशासनउधर, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि 2021 में कॉमर्स विभाग की शुरुआत वार्षिक 5000 शुल्क के साथ हुई थी, लेकिन 2022 से सेमेस्टर प्रणाली लागू की गयी है, जिसके तहत पिछले तीन वर्षों से वही शुल्क लिया जा रहा है. सारे विद्यार्थी पास आउट होकर निकल भी गये. प्रशासन के अनुसार, सेल्फ फाइनेंस कोर्स में डीएसपीएमयू सबसे कम शुल्क ले रहा है, जबकि अन्य विश्वविद्यालयों में यह शुल्क काफी अधिक है. बताया गया कि कॉमर्स विभाग में नियमित पद स्वीकृत नहीं होने के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन छात्रों से प्राप्त शुल्क से ही दिया जाता है, जिसे ऑडिट में भी सही पाया गया है.क्या कहते हैं डीएसडब्ल्यू :विवि के डीएसडब्ल्यू डॉ सर्वोत्तम कुमार ने तालाबंदी को अनुचित बताते हुए कहा कि किसी एक विभाग के मुद्दे पर पूरी यूनिवर्सिटी को बंद कर देना और क्लास बाधित करना छात्र संगठनों के अधिकार क्षेत्र में नहीं है.

तालाबंदी के कारण विवि में पठन-पाठन पूरी तरह बाधित रहा.

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रांची. डीएसपीएमयू में कॉमर्स विभाग की फीस वृद्धि के खिलाफ आदिवासी छात्र संघ और आइसा का आंदोलन शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा. तालाबंदी के कारण विवि में पठन-पाठन पूरी तरह बाधित रहा. सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र कैंपस पहुंचे, लेकिन कक्षाएं बंद होने के कारण वे इधर-उधर घूमते रहे और बाद में निराश होकर लौट गये. विवि मुख्य द्वार पर छात्र संगठनों ने धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए फीस वृद्धि वापस लेने की मांग कर रहे थे. उनका कहना है कि जब तक फीस पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक तालाबंदी जारी रहेगी और आंदोलन तेज किया जायेगा.

वर्ष 2022 से यह प्रणाली लागू है: विवि प्रशासन

उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि 2021 में कॉमर्स विभाग की शुरुआत वार्षिक 5000 शुल्क के साथ हुई थी, लेकिन 2022 से सेमेस्टर प्रणाली लागू की गयी है, जिसके तहत पिछले तीन वर्षों से वही शुल्क लिया जा रहा है. सारे विद्यार्थी पास आउट होकर निकल भी गये. प्रशासन के अनुसार, सेल्फ फाइनेंस कोर्स में डीएसपीएमयू सबसे कम शुल्क ले रहा है, जबकि अन्य विश्वविद्यालयों में यह शुल्क काफी अधिक है. बताया गया कि कॉमर्स विभाग में नियमित पद स्वीकृत नहीं होने के कारण शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन छात्रों से प्राप्त शुल्क से ही दिया जाता है, जिसे ऑडिट में भी सही पाया गया है.

क्या कहते हैं डीएसडब्ल्यू :

विवि के डीएसडब्ल्यू डॉ सर्वोत्तम कुमार ने तालाबंदी को अनुचित बताते हुए कहा कि किसी एक विभाग के मुद्दे पर पूरी यूनिवर्सिटी को बंद कर देना और क्लास बाधित करना छात्र संगठनों के अधिकार क्षेत्र में नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPESH KUMAR

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By DEEPESH KUMAR

DEEPESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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