JSSPS में घोटाला : बिना उपस्थिति पंजी के कर दिया लाखों का भुगतान
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 27 Feb 2023 9:28 AM
JSSPS Scam: वित्त अंकेक्षण विभाग की टीम ने जांच में भारी वित्तीय अनियमितता पकड़ी है. टीम ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के स्पोर्ट्स कैडेट हॉस्टल के कैटरिंग विपत्रों की जांच व मिलान किया.
रांची, विकास : जेएसएसपीएस में भारी वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई है. किसी भी प्रक्रिया में न तो नियमों का पालन हुआ है और न ही अन्य शर्तों का ध्यान रखा गया है. रिकॉर्ड का संधारण भी सही से नहीं पाया गया है. वित्त अंकेक्षण विभाग की टीम ने जांच में भारी वित्तीय अनियमितता पकड़ी है. टीम ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के स्पोर्ट्स कैडेट हॉस्टल के कैटरिंग विपत्रों की जांच व मिलान किया. इसमें पाया गया कि मेसर्स हॉट लिप्स रांची को विभिन्न विपत्रों के लिए चेक से 68 लाख 15 हजार रुपये स्पोर्ट्स कैडेट को कैटरिंग के लिए भुगतान किया गया है. लेकिन भुगतान विपत्रों के साथ हॉस्टल के वार्डन द्वारा सत्यापित उक्त अवधि की उपस्थिति पंजी ही नहीं है. साथ ही उक्त अवधि की हॉस्टल की संबंधित उपस्थिति पंजी मांगने पर नहीं दी गयी. टीम के द्वारा वार्डन को पत्र देने के बाद भी हॉस्टल के बच्चों की उपस्थिति से संबधित कोई प्रमाण नहीं दिया गया. टीम ने ऐसे में संबंधित दोषी कर्मियों और पदाधिकारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा की है.
जांच में पाया गया है कि मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स खेलगांव में गार्डेनिंग मेंटेनेंस कार्य के लिए मे़ ग्रीन इंडिया का चयन 2017 में दो वर्षों (21.04:17 से 20.04.19) के लिए किया गया और दो करोड़ 72 लाख 46 हजार का कार्य आवंटित किया गया़ कांट्रैक्ट अवधि की समाप्ति के बाद चार बार में साढ़े 13 माह का अवधि विस्तार बिना निविदा के दिया गया़ इस अवधि के लिए कुल स्वीकृत बजट से 23 लाख 15 हजार 744 रुपये का अधिक व्यय/ भुगतान किया गया़ इसी तरह हाउस किपिंग एंड मेंटनेंस कार्य को लेकर मेसर्स क्रिएटिव इंटरनेशनल को भी अवधि विस्तार देकर स्वीकृत बजट से 13 लाख एक हजार 265 रुपये का भुगतान पाया गया़ इसके अलावा खेल महाकुंभ 2017-18 में स्पोर्ट्स स्पेसिफिक ट्रायल के लिए बेंगलुरु की कंपनी मेसर्स आशा वेलनेस सर्विसेज प्राइवेट लििमटेड का गलत चयन कर 12 लाख 50 हजार का भुगतान करने की बात जांच में सामने आयी है.
जांच में पाया गया है कि एलएमसी सदस्य सचिव श्रीकांत पुरवार का सीसीएल मुख्यालय से जेएसएसपीएस खेलगांव में नियमानुकूल पदस्थापन नहीं है़ इसके बाद भी पुरवार बतौर सदस्य सचिव सोसाइटी में कई वर्षों से कार्यरत हैं और पद की सारी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं. नियमत: एलएमसी सदस्यों का पदस्थापन सीसीएल द्वारा होना है, पर पुरवार अनाधिकृत तरीके से सोसाइटी में कार्यरत हैं. टीम ने रिपोर्ट में लिखा है कि इस परिस्थिति में इनकी सुविधाओं आदि पर जो भी वित्तीय भार पड़ा है, उसकी गणना कर दोषी व्यक्तियों से वसूल कर खाता में जमा कराया जाये. साथ ही अविलंब पुरवार को सदस्य सचिव के पद से कार्य मुक्त किया जाये.
खेलगांव कैंपस में स्थित बैंक, पुलिस स्टेशन, विद्यालय व बीएसएनएल को मुफ्त बिजली-पानी उपलब्ध कराने तथा पुलिस स्टेशन व बीएसएनएल के द्वारा मकान किराया भी नहीं देने की बात जांच में उजागर हुई है. रिपोर्ट के अनुसार कैंपस में इंडियन बैंक, पुलिस स्टेशन, विद्यालय और बीएसएनएल कार्यालय संचालित हो रहे है़ं इन संस्थानों के द्वारा सोसाइटी की बिजली-पानी का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन इन मदों में उक्त संस्थानों के लिए सोसाइटी द्वारा अलग मीटर नहीं लगाया गया है.
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जांच में पाया गया है कि कार्यकारिणी परिषद की बैठक निर्धारित समय से नहीं होती़ चार वर्षों की अवधि में मात्र चार बार हुई, जबकि बैठक अनिवार्य रूप से हर वित्तीय वर्ष में चार बार यानी हर तीन महीने में करनी है़ यही नहीं निर्णय के अनुसार सीसीएल को सभी एलएमसी सदस्यों को पूर्णकालीन इस सोसाइटी में सेवा देने के लिए पदस्थापित करना है, लेकिन चार को छोड़ पांच अन्य एलएमसी सदस्य सीइओ सहित अंशकालीन कार्यरत हैं.
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