HEC: दुकानों के किराया का जल्द होगा निर्धारण, हर 5 सालों में इतने प्रतिशत की वृद्धि की जायेगी

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एचईसी

नगर प्रशासन विभाग के अधिकारी ने बताया कि दुकानों का किराया निर्धारण हो गया है. प्रबंधन से सहमति के बाद इसे लागू कर दिया जायेगा. एचइसी में 1039 आवंटित दुकानें हैं. 900 ऐसी दुकानें हैं, जिन्हें प्रबंधन ने प्लाॅट आवंटित किया है.

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Jharkhand News: HEC आवासीय परिसर में प्रबंधन द्वारा आवंटित दुकानों के किराया का निर्धारण जल्द किया जायेगा. इसके लिए नगर प्रशासन विभाग ने जगन्नाथ नगर व्यवसायी संघ के साथ बैठक की. पिछले दिनों एचइसी के श्रमिक संगठनों ने सांसद संजय सेठ के नेतृत्व में दिल्ली में भारी उद्योग मंत्री के समक्ष दुकानों की लंबित किराया दर जारी करने व बकाया वसूली का मुद्दा उठाया था. इस पर भारी उद्योग मंत्री ने सीएमडी को जल्द से जल्द कार्रवाई करने की बात कही थी.

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नगर प्रशासन विभाग के अधिकारी ने बताया कि दुकानों का किराया निर्धारण हो गया है. प्रबंधन से सहमति के बाद इसे लागू कर दिया जायेगा. एचइसी में 1039 आवंटित दुकानें हैं. 900 ऐसी दुकानें हैं, जिन्हें प्रबंधन ने प्लाॅट आवंटित किया है. इसकी दर 2.22 रुपये प्रति वर्गफीट है. वहीं, 140 दुकानें सेमी पर्मानेंट (एस्बेस्टस) हैं. इसकी दर 6.66 रुपये प्रति वर्गफीट तय की गयी है. वहीं, सेक्टर दो, सेक्टर तीन, रशियन होस्टल, दिल्ली कैंटीन, धुर्वा बस स्टैंड में आवंटित दुकानों की दर 7.51 रुपये प्रति वर्गफीट तय की गयी है. किराये में हर पांच वर्षों में 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी. वहीं, व्यवसायी संघ के हरेंद्र कुमार ने बताया कि सेमी पर्मानेंट दुकानों की तय की गयी दर पर संघ को आपत्ति है.

प्रबंधन ने 6.66 रुपये प्रति वर्गफीट तय किया है, जबकि बाजार समिति की दर पांच रुपये प्रति वर्गफीट है. उन्होंने कहा कि पूर्व में प्रबंधन द्वारा दुकानदारों को पानी का बिल गलत ढंग से भेजा गया. इसे वापस लेने की मांग की गयी. मालूम हो कि किराया विवाद के कारण पिछले चार वर्षों से दुकानदारों ने किराया का भुगतान नहीं है. किराये का भुगतान होने पर एचइसी को लाखों रुपये मिलेंगे.

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प्रबंधन जल्द करे वेतन का भुगतान : एसजे मुखर्जी

जनता मजदूर यूनियन की बैठक रविवार को रामेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई. बैठक में एचइसी के मौजूदा हालात पर चर्चा की गयी. यूनियन के महामंत्री एसजे मुखर्जी ने प्रबंधन से कर्मियों का 12 माह का बकाया वेतन जल्द भुगतान करने की मांग की. उन्होंने कहा कि वेतन नहीं मिलने से कर्मियों का मनोबल टूटता जा रहा है. आर्थिक स्थिति खराब होने से मानसिक परेशानी भी बढ़ गयी है. उन्होंने भारी उद्योग मंत्रालय से एचइसी के बाबत जल्द से जल्द निर्णय लेने और आर्थिक मदद करने की मांग की. उन्होंने प्रबंधक से जल्द से जल्द पीएफ लोन भी चालू करने को कहा, जिससे कर्मियों को कुछ राहत मिल सके. बैठक में अजीत कुमार पाल, रामबली मेहता ,संतोष कुमार, संजय, राजदेव, सुरेंद्र कुमार, मनिंदर कुमार, रविकांत, अनिल चौधरी, गोपाल कुमार, सुभाष मंडल, सुब्रतो, अमित कुमार उपस्थित थे.

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