Ranchi: झमाझम बारिश में भी कम नहीं हुआ सरहुल का उत्साह, मांदर की थाप पर नाचते रहे लोग

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बारिश के बावजूद सरहुल जुलूस में कम नहीं हुआ उत्साह

Ranchi: दोपहर बाद राजधानी रांची में हुई मूसलाधार बारिश भी सरहुल के उत्साह को कम नहीं कर पाई. लोग बारिश में भी नाचते-झूमते दिखे. एक समय जब ओले पड़ने लगे तो लोग छुपते दिखे, लेकिन इसके तुरंत बाद ही उसी जोश के साथ लोग जुलूस में शामिल हो गए.

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राजलक्ष्मी की रिपोर्ट
Ranchi: राजधानी रांची में झमाझम बारिश भी सरहुल के रंग को फीका नहीं कर सकी. बारिश के बावजूद शहर में निकले सरहुल जुलूस में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था. पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोग मांदर की थाप पर नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे और पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया. रांची के विभिन्न जगहों की निकले सरहुल जुलूस का महाजुटान सिरमटोली सरना स्थल पर होता है. जुलूस में शामिल युवक-युवतियों के साथ-साथ बुजुर्गों और बच्चों ने भी पूरे जोश के साथ भाग लिया. हल्की बारिश के बीच सड़कों पर उमड़े लोगों ने सरहुल के प्रति अपनी गहरी आस्था और उत्साह का परिचय दिया. कई स्थानों पर लोग छाता लेकर तो कई बिना छाते के ही नृत्य करते नजर आए.

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दोपहर बाद से रांची में मूसलाधार बारिश

राजधानी रांची में दोपहर बाद से ही कई स्थानों से सरहुल का जुलूस निकला और सभी की एक ही मंजिल था, सिरमटोली सरना स्थल. कई जुलूस रांची के मेन रोड में थे, तभी मौसम खराब हुआ और ओले पड़ने लगे. ओले की वजह से कुछ देर के लिए भीड़ तितर-बितर हो गई. उसके बाद बारिश भी होने लगी. लेकिन ओले बंद होने के बाद बारिश में ही लोगों ने एक बार फिर से उसी जोश के साथ पारंपरिक गानों पर नृत्य करना शुरू किया और जुलूस आगे की ओर बढ़ चला.

बारिश के बावजूद सरहुल जुलूस में कम नहीं हुआ उत्साह
बारिश के बावजूद सरहुल जुलूस में कम नहीं हुआ उत्साह

परंपरा और उत्साह का अनूठा संगम

सरहुल जुलूस के दौरान आदिवासी संस्कृति की झलक साफ दिखाई दी. ढोल-नगाड़ों और मांदर की गूंज के बीच पारंपरिक नृत्य और गीतों ने सभी का मन मोह लिया. बारिश की फुहारें इस उत्सव में और रंग घोलती नजर आईं. प्रशासन की ओर से जुलूस को लेकर सुरक्षा और यातायात की व्यवस्था पहले से ही की गई थी. पुलिस बल तैनात रहा और पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया.

बारिश के बावजूद सरहुल जुलूस में कम नहीं हुआ उत्साह
बारिश के बावजूद सरहुल जुलूस में कम नहीं हुआ उत्साह

प्रकृति से जुड़ाव का संदेश

सरहुल प्रकृति और पर्यावरण से जुड़ा पर्व है, और बारिश के बीच इसका आयोजन मानो प्रकृति के साथ एक जीवंत संवाद जैसा प्रतीत हुआ. इस मौके पर लोगों ने एकता, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का संदेश भी दिया. झारखंड के कई बड़े नेता, विधायक और मंत्री भी सरना जुलूस में उत्साह के साथ शामिल हुए. कुल मिलाकर तेज बारिश और ओलावृष्टि में भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ.

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