साहिबगंज अवैध खनन मामला: दाहू यादव को हाईकोर्ट से झटका, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :15 Apr 2026 8:47 PM (IST)
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Jharkhand High Court

झारखंड हाईकोर्ट का मुख्य द्वार. फाइल फोटो.

Jharkhand High Court: साहिबगंज अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दाहू यादव को झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली. अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है. ईडी की जांच में कई खुलासे हुए हैं, जबकि आरोपी लंबे समय से फरार है और समन के बावजूद पेश नहीं हुआ है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट ने साहिबगंज में 1250 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी दाहू यादव को बड़ा झटका दिया है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया.

फैसला पहले ही रखा गया था सुरक्षित

इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने एक अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. विस्तृत बहस के बाद अदालत ने प्रार्थी को राहत देने से इनकार करते हुए स्पष्ट कर दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद नहीं किया सरेंडर

जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2023 में दाहू यादव को पीएमएलए की विशेष अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया था. इसके बावजूद उसने अब तक आत्मसमर्पण नहीं किया है और फरार चल रहा है. इस तथ्य को भी अदालत ने गंभीरता से लिया.

ईडी की बड़ी कार्रवाई और छापेमारी

साहिबगंज में अवैध खनन मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 8 जुलाई 2022 को बड़ी कार्रवाई की थी. इस दौरान पंकज मिश्र, बच्चू यादव और राजेश यादव उर्फ दाहू यादव सहित कई आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. ईडी ने इस मामले में अदालत में प्रॉसीक्यूशन कंप्लेंट भी दायर किया है और लगातार जांच जारी है.

समन के बावजूद नहीं हुआ पेश

ईडी ने दाहू यादव को कई बार समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वह एक बार भी एजेंसी के सामने पेश नहीं हुआ. इससे उसकी भूमिका और संदिग्ध हो गई है. जांच एजेंसियों का मानना है कि वह लगातार जांच से बचने की कोशिश कर रहा है.

छापेमारी में भारी नकदी और हथियार बरामद

ईडी की टीम ने साहिबगंज, बरहेट, राजमहल, मिर्जा चौकी और बरहरवा सहित कुल 19 स्थानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ 5.34 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए. इसके अलावा, अवैध रूप से संचालित पांच स्टोन क्रशर, पांच अवैध बंदूकें और कारतूस भी बरामद किए गए. यह जब्ती इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है.

पुराने मामले के आधार पर दर्ज हुआ मनी लॉन्ड्रिंग केस

बताया जाता है कि साहिबगंज के बरहरवा थाना में कांड संख्या 85/2020 के तहत पहले ही प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इसी प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और जांच शुरू की. यह मामला राज्य के सबसे बड़े अवैध खनन घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिसमें बड़े स्तर पर आर्थिक अनियमितताओं की आशंका जताई गई है.

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अवैध खनन पर सख्ती के संकेत

हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने को अवैध खनन के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है. इससे यह संदेश गया है कि ऐसे मामलों में आरोपियों को आसानी से राहत नहीं मिलेगी. जांच एजेंसियां अब दाहू यादव की गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर सकती हैं. वहीं, इस पूरे मामले पर राज्यभर की नजर बनी हुई है.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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