धनबाद के केंदुआडीह में सड़क धंसान और दरारों से बढ़ा खतरा, एनएच-32 का हिस्सा बना खतरनाक
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 15 Apr 2026 8:34 PM
धनबाद के केंदुआडीह में डेढ़ फुट धंसी सड़क (लाल घेरे में). फोटो: प्रभात खबर
Dhanbad News: धनबाद के केंदुआडीह में एनएच-32 पर सड़क धंसान और दरारों से खतरा बढ़ गया है. भूगर्भीय आग और गैस दबाव के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है. प्रशासन ने मार्ग बंद कर बैरिकेडिंग की है. क्षेत्र पहले से संवेदनशील है, जिससे स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.
धनबाद मनोहर कुमार की रिपोर्ट
Dhanbad News: धनबाद का केंदुआडीह क्षेत्र एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां मुख्य मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग-32 (एनएच-32) के हिस्से में सतही दरारें और सड़क धंसान की ताजा घटना ने इलाके को संवेदनशील बना दिया है. बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा किए गये निरीक्षण में पुराने जीएम बंगले के समीप सड़क के आर-पार दरारें विकसित होने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद एहतियातन सड़क को बंद कर बैरिकेडिंग कर दी गई है. यह इलाका पहले से ही भूगर्भीय अस्थिरता और आग की घटनाओं के कारण चिन्हित रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में जमीन में हलचल और दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे भय का माहौल बना हुआ है.
स्थानीय लोगों में दहशत
सड़क धंसान और दरारों के कारण आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल है. दुकानदारों और राहगीरों को अपने जान-माल की चिंता सताने लगी है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है.
क्या है पूरा मामला
ताजा घटना में सड़क की सतह पर लंबी दरारें उभर आई हैं, जो धीरे-धीरे चौड़ी होती जा रही हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, यह भूगर्भ में जलती कोयला आग और गैस के दबाव के कारण हो रहा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और बीसीसीएल ने मिलकर इस मार्ग को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है. बताया जाता है कि इस क्षेत्र को पहले ही महानिदेशक खान सुरक्षा (डीजीएमएस) द्वारा भू-तकनीकी रूप से अस्थिर घोषित किया जा चुका है. इसके बावजूद यहां आवागमन जारी था, जिससे खतरा और बढ़ गया.
कब से हो रही है घटना
केंदुआडीह क्षेत्र में जमीन धंसान और आग की समस्या नई नहीं है. 3 दिसंबर 2025 को इसी स्थान पर गैस उत्सर्जन की गंभीर घटना सामने आई थी.
5 अप्रैल 2026 को पुराने जीएम बंगले परिसर में भूगर्भीय आग के कारण धंसान हुआ, जिसकी दरारें आसपास की दुकानों तक पहुंच गई थी. पिछले 10-15 वर्षों में इस क्षेत्र में कई बार छोटे-बड़े धंसान दर्ज किए गये है. बीसीसीएल के आंकड़ों के अनुसार, झरिया-धनबाद कोलफील्ड क्षेत्र में करीब 70 से अधिक स्थान भूगर्भीय आग और धंसान के लिहाज से संवेदनशील है, जिनमें केंदुआडीह प्रमुख है.
क्या है कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि भूमिगत कोयला खदानों में वर्षों से लगी आग, गैस का दबाव और खाली हो चुकी खदानों की छत का कमजोर होना इस समस्या की मुख्य वजह है. अवैज्ञानिक खनन, पुराने खदानों का उचित भराव नहीं होना, गैस का रिसाव व सतह के नीचे लगातार जलती आग. ये सभी कारक मिलकर जमीन को कमजोर कर रहे है, जिससे अचानक धंसान और दरारें उत्पन्न हो रही है.
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प्रशासन और बीसीसीएल की कार्रवाई
बीसीसीएल ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और आईआईटी (आईएसएम), धनबाद को विस्तृत अध्ययन के लिए शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की है. प्रशासन ने प्रभावित इलाके को सील कर दिया है और लोगों को वहां जाने से रोका जा रहा है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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