BJMY JPSC Protest: जेपीएससी और कांग्रेस कार्यालय के घेराव के बाद भाजपा का प्रदर्शन खत्म, गुरुवार को भाजपा कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस
रांची में जेपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते छात्र. फोटो: प्रभात खबर
BJMY JPSC Protest: रांची में JPSC परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में भाजयुमो और छात्रों ने JPSC कार्यालय का घेराव किया. कड़ी सुरक्षा और बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी कार्यालय तक पहुंच गए. परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.
भाजपा का प्रदर्शन खत्म, गुरुवार को भाजपा कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस
BJMY JPSC Protest: JPSC कार्यालय घेराव के बाद कांग्रेस भवन की ओर बढ़े भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन बुधवार को समाप्त हो गया. सुभाष चौक पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भाजपा कार्यकर्ता वापस लौट गए. इसके साथ ही कांग्रेस और भाजपा के बीच चला विरोध प्रदर्शन भी खत्म हो गया. पुलिस ने बैरिकेड हटाकर सड़क को खाली कराया और यातायात सामान्य कर दिया. वहीं कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह गुरुवार को भाजपा कार्यालय का घेराव करेगी. फिलहाल पूरे इलाके में स्थिति सामान्य बनी हुई है.
प्रदर्शनकारियों ने JPSC को झोलझाल पब्लिक कमीशन बताया
BJMY JPSC Protest: प्रदर्शनकारियों ने JPSC को "झोलझाल पब्लिक कमीशन" बताते हुए आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा. छात्रों ने सरकार से पूरे मामले की न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और भविष्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ कराने की मांग की.
सही उत्तर को गलत और गलत उत्तर को सही किया गया
BJMY JPSC Protest: एक दूसरे अभ्यर्थी ने कहा कि उसने 152 प्रश्न सही किए थे और उसे प्रारंभिक परीक्षा पास होने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन परिणाम आने के बाद वह चयन सूची से बाहर हो गया. छात्रों का आरोप है कि सही उत्तरों को गलत और गलत उत्तरों को सही बताया गया, जबकि कई प्रश्न बिना स्पष्ट कारण के हटा दिए गए. उन्होंने कटऑफ सार्वजनिक करने और प्रत्येक विवादित उत्तर का आधिकारिक स्रोत जारी करने की मांग की.
होटल में बैठाकर उत्तर पुस्तिकाएं लिखवाई गईं
BJMY JPSC Protest: प्रदर्शनकारी छात्र ने यह भी दावा किया कि कुछ अभ्यर्थियों को होटल में बैठाकर कई घंटों तक उत्तर पुस्तिकाएं लिखवाई गईं. उसका कहना था कि यदि जांच एजेंसी निष्पक्ष जांच करे तो पूरे मामले का खुलासा हो सकता है. छात्रों ने आरोप लगाया कि ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से परीक्षा कराने, उत्तर कुंजी में बार-बार बदलाव और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी ने अभ्यर्थियों का भरोसा तोड़ा है.
प्रदर्शनकारी छात्र का दावा, 40-45 लाख में बिकी मेंस की कॉपी
BJMY JPSC Protest: प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने आरोप लगाया कि रांची में JPSC कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए. प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने दावा किया कि सिर्फ 14वीं JPSC ही नहीं, बल्कि FRO और अन्य परीक्षाओं में भी अनियमितताएं हुई हैं. एक छात्र ने कैमरे पर आरोप लगाया कि उसके कुछ परिचितों ने 40 से 45 लाख रुपये देकर मेंस परीक्षा की उत्तर पुस्तिका अलग स्थान पर लिखी. छात्र ने कहा कि यदि उसकी पहचान सुरक्षित रखने की गारंटी दी जाए तो वह संबंधित लोगों के नाम भी सामने लाने को तैयार है.
पारदर्शी परीक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
BJMY JPSC Protest: प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इस परीक्षा का विरोध नहीं, बल्कि भविष्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है. छात्रों ने सरकार और JPSC से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने, विवादों का समाधान करने तथा योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने की मांग की. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा.
लेखक के बारे में
By कुमार विश्वत सेन
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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