PHOTOS: मेहमान परिंदों की चहचहाहट से गुलजार हैं रांची के जलाशय, देखें तस्वीरें

Migratory Birds in Ranchi- ठंड के मौसम का लुत्फ जितना राजधानीवासी उठाते हैं, उतना ही प्रवासी पक्षी उठाते हैं. हर साल नवंबर माह से प्रवासी पक्षियों की दस्तक रांची और आस-पास के जलाशयों में शुरू हो जाती है. जनवरी माह से मार्च तक दर्जनों पक्षी आस-पास के जलाशयों में अपना ठिकाना बना लेते हैं.

Migratory Birds in Ranchi: राजधानी के धुर्वा डैम, रूक्का डैम, गेतलसूद डैम, बड़ा तालाब समेत अन्य छोटे-बड़े तालाब व पतरातू डैम में इन दिनों प्रवासी पक्षियों का झुंड नजर आ रहा है. इनमें ज्यादातर बतख प्रजाति के हैं. इनमें गडवाल, फैलकेटेड डक, विस्लिंग डक, नॉर्दन पिनटेल, नॉर्दन शॉवलर, रेड क्रेस्डेड पोचार्ड, टफटेड डक, कॉमन पोचार्ड, लिटिल ग्रीब जैसे पक्षियां शामिल हैं. ये पक्षियां साइबेरिया (रूस), मंगोलिया, चीन जैसे देशों से पहुंचते हैं.

गरगनेय, ब्राउन हेडेड गुल, ब्लैक हेडेड गुल, ग्रेट क्रेस्टेट ग्रीब, यूरेसियन विजीऑन, कॉमन कूट, कॉटन पिग्मी गूज और पेंटेट स्ट्रोक, ब्लूथ्रोट, ब्रह्मिनी काइट व ब्राउन हेडेड सीगल.

ब्राह्मणी काइट मूल रूप से साउथ ईस्ट एशिया का है. नर की पहचान भूरे रंग के पंख और सिर व सीने का हिस्सा सफेद रंग का होता है. मादा की पहचान सिर के पिछले हिस्से में कलगी से की जाती है. इसकी पंख की लंबाई 1.09 से 1.24 मीटर होती है. इसका वजन : 320 से 670 ग्राम होता है. यह मरी हुई या सतह पर तैरती मछली, मेंढक और सांप खाता है. उड़ान की क्षमता हिमालय रेंज में 5000 फीट तक उड़ सकता है, चारे पर 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झपट्टा मारने में सक्षम.

ब्राउन हेडेड सीगल मूल रूप से मध्य एशिया में पाया जाता है. इसकी पहचान सिर भूरे रंग का, लाल चोंच, शरीर का रंग सफेद और पंख ग्रे रंग का होता है. पंख की लंबाई : 105 से 115 सेमी और शरीर की लंबाई : 40 से 45 सेमी होती है. वजन : 450 से 700 ग्राम होता है. यह घोंघा व छोटी मछली खाता है. इसकी उड़ान की क्षमता : 111.5 किमी प्रति घंटा, 4500 मीटर की ऊंचाई तक उड़ सकता है.

फैलकेटेड डक मूल रूप से साइबेरिया, मंगोलिया में पाया जाता है. पंख की लंबाई : 79 से 91 सेमी होती है. इसकी पहचान सर का रंग चमकीला हरा, गर्दन पर काले-सफेद रंग की धारी और शरीर ग्रे रंग का होता है. उड़ान की क्षमता : 39 से 41 मील प्रति घंटा, 800 फीट तक 17 सेकेंड में पहुंच जाता है.

गडवाल मूल रूप से साउथ ईस्ट एशिया में पाया जाता है. पंख की लंबाई : 33.1 इंच होती है. इसका वजन : 500-1250 ग्राम होता है. यह जलकुंभी को खाता है. यह 46 से 70.6 किमी प्रति घंटा, 700 फीट तक उड़ सकता है. नर की पहचान : काले रंग की चोंच और शरीर पर ग्रे, भूरे और काले रंग की धारियां होती है. वहीं, मादा की पहचान : स्क्वेयर आकार का सर, भूरे रंग की चोंच, काले, सफेद और भूरे रंग की धारियां होती है.

नॉर्दन पिंटेल मूल रूप से साउथ एशिया में पाया जाता है. पंख की लंबाई 80 से 95 सेमी होती है. नर की पहचान लंबी पूछ, सफेद रंग का सीना और गर्दन पर धारियां होती है. जबकि मादा की पहचान लंबी पूछ और गर्दन, शरीर पर सफेद और भूरे रंग की गोलाकार धारियां होती है. यह अपनी चोंच से पानी को साफ कर शैवाल व मछली के दाने खाता है. यह 19 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है. तैरने की क्षमता 65 किमी प्रति घंटा है.

रेड-क्रेस्टेड पोचर्ड जोड़ी मूल रूप से मध्य एशिया व मंगोलिया में पाया जाता है. नर की पहचान नारंगी रंग का गोलाकार सिर, लाल चोंच, शरीर पर सफेद, भूले व काले रंग की धारियां होती है. जबकि मादा की पहचान सफेद और भूरे रंग की धारियां होती है. पंख की लंबाई : 84 से 88 सेमी है. इसका वजन : 800 से 1420 ग्राम है. यह जलकुंभी व जलीय पौधे खाता है. उड़ान क्षमता 110 से 140 किमी प्रति घंटा है. प्रवास के दौरान 3000 से 5000 किमी तक का सफर तय करती है.

टफटेड डक मूल रूप से साउथ एशिया में पाया जाता है. इसकी शरीर की लंबाई : 43.2 सेमी है. पंख की लंबाई : 19.4 से 21.2 सेमी होती है. नर की पहचान काले और सफेद रंग की धारियां और पीले रंग की आंखें होती है. जबकि मादा की पहचान काले और भूरे रंग की धारियां होती है. यह घोंघा व छोटी मछलियां खाती है. इसका वजन 550 से 900 ग्राम होता है. उड़ान की क्षमता 160.93 किमी प्रति घंटा है.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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