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रांची नगर निगम ने जिस कंपनी को दिया साफ सफाई का जिम्मा उसके कर्मियों को पांच माह से वेतन नहीं, मांगने पर देते हैं नौकरी से निकालने की धमकी

Updated at : 02 Jul 2021 10:16 AM (IST)
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रांची नगर निगम ने जिस कंपनी को दिया साफ सफाई का जिम्मा उसके कर्मियों को पांच माह से वेतन नहीं, मांगने पर देते हैं नौकरी से निकालने की धमकी

कंपनी पर यह सवाल वहां काम करनेवाले सुपरवाइजरों ने ही उठाया है. गुरुवार को कंपनी के सुपरवाइजर व ड्राइवरों की बैठक मोरहाबादी मैदान में हुई. इसमें सुपरवाइजरों ने कहा कि पिछले पांच माह से कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन कंपनी की ओर से अब तक वेतन नहीं दिया गया है. उनके समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गयी है. कर्मचारियों ने कहा कि इस संबंध में जब सीडीसी के अधिकारियों से बात की जाती है तो वे उन्होंने नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं.

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Jharkhand News, Ranchi News रांची : शहर की सफाई व्यवस्था को मॉडल बनाने के लिए रांची नगर निगम ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम जयपुर की कंपनी सीडीसी को सौंपा है. पिछले पांच माह से कंपनी शहर में सफाई व्यवस्था संभाल रही है. लेकिन, अब कंपनी के कामकाज पर सवाल उठने लगे हैं.

कंपनी पर यह सवाल वहां काम करनेवाले सुपरवाइजरों ने ही उठाया है. गुरुवार को कंपनी के सुपरवाइजर व ड्राइवरों की बैठक मोरहाबादी मैदान में हुई. इसमें सुपरवाइजरों ने कहा कि पिछले पांच माह से कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन कंपनी की ओर से अब तक वेतन नहीं दिया गया है. उनके समक्ष आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गयी है. कर्मचारियों ने कहा कि इस संबंध में जब सीडीसी के अधिकारियों से बात की जाती है तो वे उन्होंने नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं.

सीडीसी ने दूसरे ठेकेदार को दे दिया काम :

सुपरवाइजरों ने बताया कि रांची शहर में सफाई का काम सीडीसी कंपनी ने भले ही लिया है, लेकिन कंपनी यहां काम नहीं कर रही है. कंपनी ने अपना काम दूसरे ठेकेदार को दे दिया है. इसके एवज में कंपनी हर माह मोटी रकम लेती है. इस कंपनी को जल्द से जल्द नगर निगम टर्मिनेट करे. जिस ठेकेदार को यह काम मिला है, उसके एक अधिकारी का नाम विवेक है. वह हमेशा कर्मचारियों से गाली देकर बात करता है.

कर्मियों ने कई बार की हड़ताल :

कर्मचारियों ने बताया कि जब भी वेतन मांगने जाते थे, तो हमें कहा जाता था कि अगले माह वेतन दे दिया जायेगा. लेकिन, अगला महीना आज तक नहीं आया. अंत में कर्मियों ने दो-तीन बार हड़ताल भी की. इस दौरान कंपनी के अधिकारी किसी को एक हजार, तो किसी को दो हजार देकर कहते थे कि अभी इतना ही पैसा है. इससे काम चलाओ.

Posted By : Sameer Oraon

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