रांची में नर्सिंग की छात्रा और बहू से दुष्कर्म के दोषी को 10-10 साल की सजा और जुर्माना, जानें क्या है पूरा मामला

दुष्कर्म के दो मामले में रांची कोर्ट ने सुनाया फैसला, Pic Credit- AI
रांची की अदालत ने दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में कठोर निर्णय सुनाया है. एक मामले में नर्सिंग छात्रा के यौन शोषण के दोषी बस खलासी को 10 साल की सजा हुई, जबकि दूसरे मामले में बहू से दुष्कर्म करने वाले चचेरे ससुर को भी 10 साल की सश्रम जेल हुई.
Ranchi Crime News, रांची: रांची की अदालत ने दुष्कर्म (रेप) के दो अलग-अलग मामलों में सख्त फैसला सुनाते हुए दोषियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास (सख्त जेल) की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने दोनों ही मामलों में अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
नर्सिंग छात्रा का शारीरिक शोषण करने वाले बस खलासी को 10 साल की सजा
अपर न्यायायुक्त अमित शेखर की अदालत ने महादेवी बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में जीएनएम (GNM) की छात्रा से दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त राहुल कुमार उर्फ राहुल यादव को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जिसे न देने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. यह मामला रांची के लोअर बाजार थाने से जुड़ा है. पीड़िता नर्सिंग संस्थान में पढ़ाई करती थी, जबकि आरोपी राहुल यादव उसी संस्थान की बस में सहायक चालक (खलासी) के तौर पर काम करता था. आरोपी पर पीड़िता का शारीरिक शोषण करने और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर ब्लैकमेल करने का आरोप सिद्ध हुआ. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी सिद्धार्थ सिंह ने अदालत के समक्ष ठोस साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए.
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बहू से दुष्कर्म करने वाले चचेरे ससुर को 10 साल सश्रम जेल
दुष्कर्म से जुड़े दूसरे मामले में अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार नंबर-2 की अदालत ने अभियुक्त एतवा केरकेट्टा को 10 साल के सश्रम जेल की सजा सुनाई है. उस पर भी 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जुर्माना न भरने पर 6 माह की अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतनी होगी. यह मामला मांडर थाना कांड संख्या 101/21 से संबंधित है. पीड़िता ने रिश्ते में अपने चचेरे ससुर एतवा केरकेट्टा के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. मामले में अपर लोक अभियोजक दीपक कुमार सांगा ने पैरवी की. अदालत ने धारा 376 के तहत अभियुक्त को दोषी माना. अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता के पति, पड़ोसी, डॉक्टर, जांच अधिकारी (I.O.) समेत कुल 7 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके आधार पर कोर्ट ने सजा सुनाई.
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लेखक के बारे में
By समीर उरांव
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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