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सत्ता पक्ष के निशाने पर रहा राजभवन, कहा- राजनीति का बना दिया अखाड़ा

Updated at : 07 Feb 2024 4:55 AM (IST)
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सत्ता पक्ष के निशाने पर रहा राजभवन, कहा- राजनीति का बना दिया अखाड़ा

सत्ता पक्ष का कहना था कि राज्यपाल का धन्यवाद व्यक्त करने की परंपरा है, हम कृतज्ञता व्यक्त करते हैं. लेकिन राज्यपाल ने शुचिता व संविधान को तार-तार किया है. भाजपा राजभवन का कार्यालय चला रही है.

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रांची : विधानसभा में विशेष सत्र का आखिरी दिन तल्खी भरा रहा. राज्यपाल के अभिभाषण पर सत्ता पक्ष की ओर से ही धन्यवाद प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन निशाने पर राजभवन ही रहा. राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाये गये. सत्ता पक्ष के विधायकों ने सरकार की उपलब्धियां बताने को लिए राज्यपाल का धन्यवाद किया, लेकिन उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाया. सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच कई बार तकरार हुआ.

आरोप-प्रत्यारोप लगे. सत्ता पक्ष का कहना था कि राज्यपाल का धन्यवाद व्यक्त करने की परंपरा है, हम कृतज्ञता व्यक्त करते हैं. लेकिन राज्यपाल ने शुचिता व संविधान को तार-तार किया है. भाजपा राजभवन का कार्यालय चला रही है. राजभवन को राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया है. हेमंत सोरेन के बहुमत की सरकार को गिराने का प्रयास किया गया. इसमें राजभवन भी शामिल रहा. 18 घंटे तक राज्य को बिना नेतृत्व का रखा गया. बहुमत को हड़पने का प्रयास किया गया. जनादेश के हरण का प्रयास हुआ है.

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वहीं विपक्ष ने सत्ता पक्ष द्वारा राज्यपाल के खिलाफ दिये गये भाषण का विरोध किया. विपक्ष के विधायकों ने पूर्ववर्ती हेमंत सोरेन सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा. विपक्षी विधायकों ने कांग्रेस पर जमकर हमला किया. विपक्ष के विधायकाें का कहना था कि कांग्रेस ने लोकतंत्र को कलंकित किया है. आदिवासी-दलितों को हमेशा प्रताड़ित किया है. भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने अलग झारखंड राज्य दिया.

आदिवासियों के दर्द को समझा. झारखंड में पहला मुख्यमंत्री आदिवासी को बनाया, पहली बार देश में राष्ट्रपति आदिवासी को बनाया. कांग्रेस ने संविधान निर्माता बाबा साहेब आंबेडकर को सम्मान नहीं दिया. शिबू सोरेन को आधी जवानी कांग्रेस के कारण जेल में काटनी पड़ी. धन्यवाद प्रस्ताव पर सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने अपनी बातें रखीं. सरकार के वक्त्व्य के दौरान विपक्ष के सदस्यों ने सदन का वाकआउट किया.

हां पार्ट-टू ही हूं, इसकी परिभाषा लंबी है : चंपाई

सदन में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने विपक्षी विधायकों द्वारा हेमंत सोरेन के पार्ट-टू पर सवाल उठाये जाने व भ्रष्टाचार के मामले लाये जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि हां मैं पार्ट-टू हूं. लेकिन इसकी परिभाषा लंबी है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ही कहते हैं कि पार्ट टू मत बने. उनकी ही बातों से पार्ट टू की बात आयी है. राजनीतिक परिस्थिति के कारण नेतृत्व बदला है. युवा सम्राट हेमंत बाबू ने जो खाका खींचा है. सामाजिक-आर्थिक स्थिति आदिवासी-मूलवासी की जो हुई है, उसे हमें बदलना है. हेमंत सोरेन सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाना है. भूमि पुत्रों का काम यह पार्ट-टू की सरकार करेगी. अधूरी योजनाओं को आगे बढ़ायेंगे.

दीपिका की जुबान फिसली, हंगामा, कार्यवाही से हटा

कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह धन्यवाद प्रस्ताव पर समर्थन के दौरान चर्चा में शामिल हुईं. श्रीमती पांडेय भाषण के दौरान असंसदीय शब्द बोल पड़ीं. इसके बाद सदन में भाजपा विधायक विरोध में वेल में घुस गये. भाजपा की महिला विधायक पुष्पा देवी, डॉ नीरा यादव और अर्पणा सेन गुप्ता सहित अन्य विधायक विरोध करने लगे. प्रतिपक्ष के नेता अमर कुमार बाउरी का कहना था कि एक महिला जनप्रतिनिधि ऐसी बातें करें शोभा नहीं देता है. यह मर्यादा और भारतीय नारी की भाषा नहीं है. दलितों के प्रति इनकी सामंती सोच रही है.

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