परमवीर अल्बर्ट एक्का गौरव रक्षा सम्मान समिति ने पीएम मोदी को शहीद के गांव ‘जारी’ आने का दिया न्योता

रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राजनीतिक विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनने का सपना देख रहा है, तो ऐसे में ऐसे परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की जीवनी और उनकी वीरता लोगों को प्रेरणा देगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को परवीर अल्बर्ट एक्का के गांव आने का निमंत्रण दिया गया है. परमवीर अल्बर्ट एक्का गौरव रक्षा सम्मान समिति ने सोमवार (18 दिसंबर) को चौथी प्रेस वार्ता की. इसमें रांची विश्वविद्यालय के कुलपति अजीत कुमार सिन्हा समेत अनेक विशिष्ट शिक्षाविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का के गांव आने का निमंत्रण दिया. इससे पहले, राज्य के विशिष्ट क्रीड़ा क्षेत्र के पदक विजेता खिलाड़ी और कोच, प्रसिद्ध चिकित्सक, सात आदिम जनजाति के लोगों समेत 20 विशिष्ट जनजातियों के लोगों ने पीएम को यही निमंत्रण दिया था. कुलपति ने कहा कि अल्बर्ट एक्का को जो सम्मान मिलना चाहिए था, वह आज तक नहीं मिल पाया. आज की पीढ़ी को उनसे जुड़ी जानकारियां जुटानी चाहिए. उस पर शोध करना चाहिए. आज अगर कोई व्यक्ति अल्बर्ट एक्का के बारे में कहीं इंटरनेट पर सर्च करता है, बहुत सीमित जानकारी मिल पाती है. गूगल और विकिपीडिया पर भी कुछ खास सूचना उपलब्ध नहीं है. अल्बर्ट एक्का से संबंधित एक म्युजियम बनाने की जरूरत है. यह म्युजियम उनके गांव गुमला जिले के जारी में बनना चाहिए. इतना ही नहीं, श्री सिन्हा ने कहा कि सिलेबस में अध्याय के रूप में अल्बर्ट एक्का की जीवनी को शामिल चाहिए, ताकि युवा छात्र-छात्राओं को उनके बारे में जानकारी मिल सके.
नई पीढ़ी को बैलगाड़ी से रॉकेट तक की जानकारी
उन्होंने कहा कि यह जो नई पीढ़ी है, उसे बैलगाड़ी से लेकर रॉकेट तक की जानकारी है. इस जेनरेशन में ही संभावना है कि वह अल्बर्ट एक्का से संबंधित जानकारी एकत्र करके सर्वसुलभ बना सकता है. उन्होंने युवा छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि इस कार्यक्रम से जुड़ें और लोगों तक अल्बर्ट एक्का के संबंध में जानकारी पहुंचाएं. रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राजनीतिक विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनने का सपना देख रहा है, तो ऐसे में ऐसे परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का की जीवनी और उनकी वीरता लोगों को प्रेरणा देगी. कहा कि रांची विश्वविद्यालय का राजनीतिक विज्ञान विभाग एक डॉक्युमेंट तैयार करेगा और उसे लोगों के लिए सुलभ करवाएगा, ताकि झारखंड की माटी में जन्मे इस सपूत के बारे में लोग जान सकें.
अल्बर्ट एक्का की वीरता से लोगों को अवगत कराएं
समाजसेवी एवं मजदूर नेता ललित ओझा ने कहा कि झारखंड के युवाओं के पास चुनौती है कि वह परमवीर की वीरता को आम लोगों तक पहुंचाएं. प्रधानमंत्री के आने से गांव का चहुंमुखी विकास होगा. युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत होगी. हिंदू जागरण मंच के नेता सुजीत सिंह ने कहा कि जिस प्रकार हम प्रभु राम के लिए समर्पित हैं, वैसे ही देश सेवा के लिए भी सदैव तत्पर रहना चाहिए. रांची विश्वविद्यालय के स्टेट ऑफिसर और कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अर्जुन राम ने कहा कि पीएम मोदी जन-जन के प्रिय हैं. भारत के जवानों और उनके परिवारजनों से उनका गहरा लगाव है. उम्मीद है कि प्रधानमंत्री आएंगे, तो पूर्व सैनिकों एवं शहीदों के परिजनों में भी नई ऊर्जा का संचार होगा.
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गुमला के 75 गांव के 30,000 लोग कार्यक्रम में होंगे शामिल
वोकेशनल शिक्षक संघ रांची विश्वविद्यालय के अध्यक्ष अवधेश ठाकुर ने कहा कि अल्बर्ट एक्का ने मात्र 29 वर्ष की आयु में देश के लिए प्राणों की आहुति दी और सेना का सर्वोच्च पदक उनको मिला. कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अटल पांडेय ने की. कार्यक्रम के संयोजनक अटल पांडेय ने बताया की इस आयोजन में राज्य के सभी जिले से लोग शामिल होंगे. गुमला जिले के लगभग 75 गांवों के 30 हजार लोग इसमें शामिल होंगे. धन्यवाद ज्ञापन स्वामी दिव्यज्ञान ने किया. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा. कार्यक्रम में चंदा कुमारी, डॉ आनंद ठाकुर, मनोज कुमार शर्मा, चंदन कुमार, रेशमा कुमारी, कन्हैया कुमार, नयन कुमार व अन्य ने भी संबोधित किया.
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By Mithilesh Jha
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