ePaper

Ranchi news : झारखंड में शांति, सुरक्षा और विकास से नक्सलवाद पर प्रहार

Updated at : 24 Jul 2025 6:25 PM (IST)
विज्ञापन
Ranchi news : झारखंड में शांति, सुरक्षा और विकास से नक्सलवाद पर प्रहार

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है कि प्रशासनिक सख्ती, सुरक्षा उपायों और सामाजिक-आर्थिक विकास परियोजनाओं के माध्यम से इन क्षेत्रों में स्थिरता लाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है.

विज्ञापन

रांची.

झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकार बहुआयामी कार्य योजना पर जोर दे रही है. हाल ही में जारी गृह मंत्रालय की रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है कि प्रशासनिक सख्ती, सुरक्षा उपायों और सामाजिक-आर्थिक विकास परियोजनाओं के माध्यम से इन क्षेत्रों में स्थिरता लाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. यह समन्वित पहल दर्शाती है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सिर्फ सुरक्षा पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास पर भी व्यापक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं. ताकि, स्थायी शांति और समावेशी प्रगति सुनिश्चित हो सके.

नक्सलियों के नेटवर्क को तोड़ने पर जोर

राज्य सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि नक्सलियों के प्रभाव को समाप्त करने के लिए जिला पुलिस और विशेष शाखाओं को सतर्क रहने और निरंतर निगरानी बनाये रखने के निर्देश दिये गये हैं. पुलिस एवं जिला प्रशासन को स्थानीय समुदाय तक पहुंच बनाने के लिए आउटरीच कार्यक्रम की योजनाएं बनाने को कहा गया है. शहरों में नक्सलियों की गतिविधि को रोकने के लिए कठोर कार्य योजना तैयार की जा रही है, ताकि उनके नेटवर्क को तोड़ा जा सके.

नक्सल क्षेत्र में कई परियोजनाओं पर चल रहा काम

सड़क आवश्यकताएं (आरआरपी) :

राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 760 किलोमीटर सड़क की योजना स्वीकृत की गयी है. 760 किलोमीटर सड़कका निर्माण पूरा भी कर लिया गया है.

सड़क संपर्क परियोजना (आरसीपीएलडब्ल्यूइए) :

इसके तहत कुल 2408 किलोमीटर सड़क और 207 पुलों की योजना स्वीकृत की गयी थी. अब तक 2165 किलोमीटर (90%) सड़क और 171 पुलों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. शेष 243 किलोमीटर (10%) सड़क और 36 पुलों पर निर्माण कार्य जारी है.

मोबाइल संपर्क परियोजना :

इसके तहत सर्वेक्षण के बाद 1755 परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी है. इसके तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार करना है. अब तक 1589 परियोजनाएं पूरी कर ली गयी हैं. यानी यहां मोबाइल नेटवर्क का विस्तार हो चुका है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है.

वित्तीय समावेशन :

इसके तहत 349 बैंक शाखाएं खोले गये. 21357 बैंकिंग संवाददाता को रखा गया. 352 एटीएम व 1240 डाकघर स्थापित किये गये हैं. इन सुविधाओं से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में आर्थिक सेवाओं की पहुंच सुगम हुई है.

कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीण युवकों को प्रशिक्षित करने के लिए कौशल विकास की कई योजनाएं शुरू की गयी है. 16 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) स्वीकृत किये गये हैं. ये सभी कार्यरत हैं. हालांकि, पांच आइटीआइ संस्थान अभी भी अस्थायी भवनों में संचालित हो रहे हैं. इसी तरह 20 कौशल विकास केंद्र (एसडीसी) स्वीकृत किये गये और ये सभी कार्यरत हैं. एक एसडीसी अस्थायी भवन में संचालित हो रहा है. वहीं, 80 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय स्वीकृत किये गये, जिसमें अभी 47 कार्यान्वित हैं. इन विद्यालयों के माध्यम से आदिवासी एवं दूरदराज क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAJIV KUMAR

लेखक के बारे में

By RAJIV KUMAR

RAJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola