ePaper

अब तालाबों में होगी ऑक्सीजन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, मत्स्य विभाग लगायेगा आइओटी तकनीक

Updated at : 05 Sep 2021 11:05 AM (IST)
विज्ञापन
अब तालाबों में होगी ऑक्सीजन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, मत्स्य विभाग लगायेगा आइओटी तकनीक

झारखंड में मछली पालन किये जानेवाले तालाबों में उपलब्ध रसायन, ऑक्सीजन लेवल व खरपतवार की जानकारी अब ऑनलाइन मिलेगी. इसकी मॉनिटरिंग भी ऑनलाइन की जायेगी. इसके लिए तालाबों में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी) तकनीक का इस्तेमाल होगा.

विज्ञापन

मनोज सिंह, रांची : झारखंड में मछली पालन किये जानेवाले तालाबों में उपलब्ध रसायन, ऑक्सीजन लेवल व खरपतवार की जानकारी अब ऑनलाइन मिलेगी. इसकी मॉनिटरिंग भी ऑनलाइन की जायेगी. इसके लिए तालाबों में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी) तकनीक का इस्तेमाल होगा. पहले चरण में राजधानी के दो तालाब सहित अन्य जिलों के तालाबों में इस तकनीक का उपयोग होगा. इसके लिए एजेंसी का चयन किया जायेगा.

चिप आधारित है तकनीक, इंटरनेट से होगा संचालन : यह तकनीक चिप से काम करती है. चिप पानी के अंदर रहेगा, जो इंटरनेट से संचालित होगा. यह सीधे उपयोग करनेवाले के मोबाइल से जुड़ा रहेगा. इसके जरिये पानी के अंदर उपलब्ध पीएच, सल्फर, ऑक्सीजन लेवल और अन्य रसायन की जानकारी मोबाइल पर मिलती रहेगी. मछली को कितने ऑक्सीजन की जरूरत है, इसकी सूचना भी मिलती रहेगी.

ऑक्सीजन की कमी होने पर लाल रंग से स्थिति बिगड़ने का संकेत मिलेगा. इसके बाद एक कमांड के माध्यम से ऑक्सीजन की कमी दूर करने वाला मोटर चला दिया जायेगा. जैसे ही जरूरत भर ऑक्सीजन पानी में हो जायेगा, मोटर स्वत: बंद हो जायेगा. एक सिस्टम से दो एकड़ तक के तालाब पर नजर रखी जा सकती है. एक यूनिट पर करीब 65 हजार रुपये के आसपास खर्च आता है. राज्य के कुल 34 तालाबों में इसे लगाया जायेगा. इसके लिए 24 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है.

क्या होगा फायदा : रांची के जिला मत्स्य पदाधिकारी अरुप कुमार चौधरी ने कहा कि इस तकनीक के उपयोग से तालाबों में मैन पावर की कमी दूर की जा सकती है. एक-दो आदमी से तालाब की जरूरत पूरी की जा सकती है. वहीं, ऑक्सीजन की कमी से मछलियों को होनेवाले नुकसान को कम किया जा सकता है.

मछली को कितने ऑक्सीजन की जरूरत है, इसकी सूचना भी मिलेगी: मत्स्य विभाग नयी तकनीक पर काम कर रहा है. हाल ही में हम लोगों ने मछलियों के कृत्रिम प्रजनन का काम किया था. अब मत्स्य तालाब में आइओटी के उपयोग का प्रयास कर रहे हैं. इसका मॉडल सफल रहा, तो आगे भी इसका उपयोग बढ़ाया जायेगा.

डॉ एचएन द्विवेदी, निदेशक, मत्स्य

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola