झारखंड में नक्सलियों से फिर मुठभेड़, ओडिशा के सीआरपीएफ जवान सुशांत खुंटिया शहीद, हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि

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झारखंड में लगातार दूसरे दिन एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा दस्ते से सुरक्षा बलों के जवानों की मुठभेड़ हुई. इसमें ओडिशा के रहने वाले सीआरपीएफ के एक जवान सुशांत कुमार खुंटिया शहीद हो गये. एक अन्य जवान घायल हो गये. उन्हें एयरलिफ्ट कर रांची ले जाया गया है.

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पश्चिमी सिंहभूम के टोंटो थानांतर्गत जिला पुलिस व सीआरपीएफ जवानों की शुक्रवार को दूसरे दिन भी नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में नक्सलियों की गोली से सीआरपीएफ-60 बटालियन के हवलदार सुशांत कुमार खुंटिया शहीद हो गये. कांस्टेबल मुन्ना लाल यादव घायल हुए हैं. उनको रांची के मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शहीद जवानों को सूबे के मुखिया हेमंत सोरेन ने रांची में श्रद्धांजलि दी.

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खुंटिया के सीने में लगी नक्सलियों की गोली

बताया गया है कि ओडिशा के रहने वाले हवलदार सुशांत कुमार खुंटिया के सीने में गोली लगी. वहीं, कांस्टेबल मुन्ना के पांव में गोली लगी है. गोली लगने के बाद दोनों जवानों को एयरलिफ्ट कर इलाज के लिए रांची ले जाया गया. रास्ते में हवलदार खुंटिया ने दाम तोड़ दिया. वहीं, मुन्ना लाल यादव का इलाज चल रहा है.

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बम निरोधक दस्ता के जांबाज जवान थे सुशांत कुमार खुंटिया

शहीद हवलदार बम निरोधक दस्ता के जांबाज जवान थे. उन्होंने झारखंड के कोल्हान वन क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा बिछाये गये न जाने कितने आईईडी व स्पाइक हॉल को नष्ट किया था. पुलिस ने बताया है कि दिन में 10:30 बजे से 11 बजे के बीच मुठभेड़ में दोनों जवानों को गोली लगी. सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच करीब 40 से 45 मिनट तक दोनों ओर से गोलीबारी हुई.

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पुलिस का दावा – कई नक्सली भी हुए हैं घायल

पुलिस का दावा है कि दोनों ओर से हुई गोलीबारी में कई नक्सली भी घायल हुए हैं. हालांकि, अभी तक यह नहीं बताया गया है कि कितने नक्सली घायल हुए हैं. कोल्हान प्रमंडल के डीआइजी अजय लिंडा ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान जारी है. उन्होंने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ पिछले चार दिनों से जिला पुलिस, कोबरा जवान व सीआरपीएफ जवानों द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है.

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बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में है मिसिर बेसरा दस्ता

पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, रमेश उर्फ अनल, अजय महतो, अनमोल, मोघु, चमन कांडे, सागेन अंगरिया व अश्विन अपने दस्ते सदस्यों के साथ कोल्हान क्षेत्र में विध्वंसक गतिविधि के लिए भ्रमणशील है. ये लोग किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं.

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पुलिस, कोबरा, जगुआर, सीआरपीएफ ने मिलकर की कार्रवाई

उक्त आसूचना के आलोक में इनके विरुद्ध कारगर कार्रवाई के लिए जिला पुलिस, कोबरा 200 बटालियन, 203 बटालियन, झारखंड जगुआर एवं सीआरपीएफ 80, 197, 157, 174, 134,193, 07 व 28 बटालियन की टीमों का एक संयुक्त अभियान दल गठित कर लगातार अभियान चलाया जा रहा है.

सीएम ने सीआरपीएफ के शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज धुर्वा के सेक्टर-2 स्थित सीआरपीएफ कैंप परिसर जाकर नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान सुशांत कुमार खुंटिया के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. मुख्यमंत्री ने शहीद की आत्मा को शांति एवं शोकाकुल परिजनों को दु:ख की इस घड़ी को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना ईश्वर से की.

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इन्होंने भी दी शहीद जवान को श्रद्धांजलि

इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव गृह विभाग अविनाश कुमार, डीजीपी अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे सहित पुलिस विभाग के अन्य वरीय अधिकारियों ने शहीद जवान कांस्टेबल सुशांत कुमार खुंटिया को श्रद्धांजलि दी.

क्योंझर के रहने वाले थे सुशांत खुंटिया

कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए सुशांत खुंटिया झारखंड के सीमावर्ती ओडिशा राज्य के क्योंझर जिले के रहनेवाले थे. सुशांत खुंटिया का परिवार क्योंझर के आनंदपुर के वार्ड संख्या चार स्थित एक मकान में रहता है. सुशांत के शहीद होने की खबर मिलने के बाद उनके परिवार समेत आसपास के इलाके में मातम पसर गया. बताया जाता है कि सुशांत खुंटिया ने वर्ष 2020 में सीआरपीएफ में में योगदान दिया थे.

पिता और दो भाइयों का हो चुका है निधन

तीन भाई व एक बहन में वह सबसे छोटे थे, दो वर्ष पूर्व उनके पिता अतुल खुंटिया का निधन हो गया. इसके बाद ही उनके बड़े भाई संतोष खुंटिया व मंझले भाई प्रशांत खुंटिया का भी निधन हो गया. सुशांत की मौत की खबर सुनकर पूरा इलाका स्तब्ध है. सुशांत खुंटिया की मां भी पिछले दो वर्ष से बीमार चल रहीं हैं. उनका उपचार भुवनेश्वर के एक अस्पताल में चल रहा है.

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