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National Games Scam: CBI को क्यों और कैसे मिली केस की जिम्मेदारी, जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी

सीबीआई को 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले की जांच की जिम्मदारी मिलने में 12 साल लग गये. प्रार्थी सुशील कुमार सिंह मंटू समेत कई संस्थाओं ने जांच में हो रही देरी को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी

रांची: 34वें राष्ट्रीय खेलों में करोड़ों के घोटाले और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण में गड़बड़ी के आरोपों की जांच सीबीआइ को मिलने में 12 साल लग गये. प्रार्थी सुशील कुमार सिंह मंटू, झारखंड अगेंस्ट करप्शन, सेंटर फॉर आरटीआइ जैसी संस्थाओं ने 28 करोड़ रुपये से अधिक घोटाले की आशंका जताते हुए झारखंड उच्च न्यायालय में अलग-अलग जनहित याचिका दायर की थी.

उन्होंने वर्ष 2010 से चल रही विजिलेंस और एसीबी जांच और उसकी रफ्तार पर असंतोष जताते हुए सीबीआइ जांच की मांग की थी. न्यायालय ने जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद मामले की जांच सीबीआइ को हैंडओवर करने का आदेश दिया था. मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने आदेश में राज्य सरकार या उनके अधिकारियों द्वारा जांच में सहयोग नहीं करने पर सीबीआइ को कभी भी हाइकोर्ट आने की बात कही.

मालूम हो कि राज्य में 34वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के दौरान 28.38 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है. मामले में एसीबी ने तत्कालीन खेल मंत्री बंधु तिर्की, एनजीओसी के कार्यकारी अध्यक्ष आरके आनंद, एसएम हाशमी, पीसी मिश्र समेत अन्य को नामजद आरोपी बनाया था. न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआइ ने मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू की है.

ये जा चुके हैं न्यायिक हिरासत में जेल

एनजीओसी के तत्कालीन सचिव सैय्यद मतलूब हाशमी, निदेशक पीसी मिश्र व एनजीओसी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष मधुकांत पाठक.

एक के खिलाफ विभाग ने नहीं दी अभियोजन स्वीकृति

एनजीओसी टेंडर कमेटी के सदस्य रहे अप्राथमिक अभियुक्त प्रेम कुमार चौधरी के खिलाफ एसीबी ने खेल विभाग से अभियोजन स्वीकृति मांगी थी. लेकिन विभाग ने श्री चौधरी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति यह कहते हुए नहीं दिया कि इनके स्तर पर गड़बड़ी नहीं की गयी थी.

एक अप्राथमिक अभियुक्त की हो चुकी है मौत

मामले में अप्राथमिक अभियुक्त रहे अजीत लुईस लकड़ा की मृत्यु हृदयाघात से 20 अगस्त 2021 को हो चुकी है.

इनके खिलाफ चल रही जांच

मेसर्स आइ-कैच, मेसर्स जेम इंटरनेशनल, मेसर्स अमिट को, मेसर्स विजक्राफ्ट, मेसर्स न्यू वेराइटी और मेसर्स सीएमसी.

एसएम हाशमी के घर पहुंची सीबीआइ

धनबाद. 34वीं राष्ट्रीय खेल आयोजन समिति के संयोजक एसएस हाशमी के रेलवे मटकुरिया कॉलोनी स्थित आवास में गुरुवार की अहले सुबह सीबीआइ की टीम ने सर्च अभियान चलाया. सुबह में सीबीआइ की पांच सदस्यीय टीम ने एसएम हाशमी सहित उनके घर के सभी सदस्यों का मोबाइल फोन जब्त कर लिया. सूचना के मुताबिक सीबीआइ की टीम अपने साथ 34 वां राष्ट्रीय खेल से संबंधित कई जरूरी कागजात ले गयी है.

हालांकि एसएम हाशमी ने सीबीआइ की किसी भी कार्रवाई से इनकार किया है. सूत्रों ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े पांच बजे सीबीआइ की टीम एसएम हाशमी के घर में घुसी. सीबीआइ की टीम ने अपना वाहन घर से दूर खड़ा रखा था. टीम 11.30 बजे के आसपास वापस लौट गयी. एसएम हाशमी कई खेल संघ से जुड़े हुए हैं. धनबाद जिला ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष, झारखंड ओलिंपिक संघ के महासचिव, कयाकिंग केनोइंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा अन्य खेल संघ में किसी न किस पद पर हैं.

Posted By: Sameer Oraon

Sameer Oraon
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इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में भी बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में भी काम किया. झारखंड के सभी समसमायिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषय पर लिखने और पढ़ने में गहरी रूचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम किया. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल डेस्क पर भी काम किया. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रूचि है.

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