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National Seminar 2025: विकसित भारत के लिए जरूरी है स्वच्छ वातावरण, राष्ट्रीय सेमिनार में बोले CUJ के वीसी प्रो क्षिति भूषण दास

Updated at : 11 Mar 2025 10:28 PM (IST)
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National Seminar 2025 CUJ

सीयूजे के राष्ट्रीय सेमिनार में उपस्थित अतिथि समेत अन्य

National Seminar 2025: रांची के सीयूजे में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया है. सीयूजे के कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास ने उद्घाटन सत्र में कहा कि विकसित भारत के लिए स्वच्छ वातावरण जरूरी है.

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National Seminar 2025: रांची-सीयूजे में क्लीन एनवायरमेंट इनविजन्ड टुवर्ड्स विकसित भारत पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया है. उद्घाटन सत्र में सीयूजे के कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास ने कहा कि विकसित भारत के लिए स्वच्छ वातावरण जरूरी है. सीयूजे झारखंड और राष्ट्र के संपूर्ण विकास के लिए कटिबद्ध है. यह दो दिवसीय सेमिनार पर्यावरण विज्ञान विभाग (सीयूजे) द्वारा आयोजित किया गया है. सीयूजे में पर्यावरण, भूविज्ञान, भूगोल शास्त्र, एनर्जी इंजीनियरिंग और कई विशेषज्ञ विभाग हैं, जो झारखंड और देश के समग्र विकास में योगदान दे रहे हैं. ये पर्यावरण जैसे जटिल मुद्दे पर भी उचित समाधान दे सकते हैं.

पर्यावरण के प्रति सजगता और कटिबद्धता को दोहराया


सेमिनार में मुख्य अतिथि के तौर पर कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन पीएम प्रसाद मौजूद थे. उन्होंने कोल इंडिया के पर्यावरण के प्रति सजगता और कटिबद्धता को दोहराया. उन्होंने कोल इंडिया के विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी और कहा कि इंडस्ट्री-एकेडमिया और सभी के समग्र योगदान से ही पर्यावरण जैसे जटिल मुद्दे का समाधान हो सकता है.

बढ़ती गर्मी से देश की जीडीपी का बहुत बड़ा नुकसान


कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पूर्व भारतीय वन सेवा अधिकारी अजय कुमार रस्तोगी, चेयरमैन टास्क फोर्स-सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन एंड ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (झारखंड सरकार) ने पर्यावरण के संबंध में झारखंड की अच्छाई और चुनौतियों पर अपने विचार रखे. लगातार बढ़ती गर्मी से देश की जीडीपी का बहुत बड़ा नुकसान होता है. उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के संबंध में अभी के युवाओं और हम सभी को ठोस कदम उठाना चाहिए.

प्राकृतिक ऊर्जाओं के इस्तेमाल पर दिया जोर


कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रो यूसी मोहंती (शांतिस्वरूप भटनागर सम्मान से सम्मानित डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर, शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालय, ओडिशा) ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने सौर, वायु और अन्य प्राकृतिक ऊर्जाओं के इस्तेमाल पर बल दिया और इन्हें स्वर्ग के ऊर्जा श्रोत की संज्ञा दी. प्रो मनोज कुमार (संकायाध्यक्ष, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन संकाय) ने सेमिनार की रूपरेखा पर अपने विचार रखे. कार्यक्रम के संयोजक डॉ भास्कर सिंह (विभागाध्यक्ष, पर्यावरण विभाग) ने सेमिनार की महत्ता पर ज़ोर दिया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ अनुराग लिंडा ने दिया और कार्यक्रम का समन्वयन डॉ निर्मली बोरदोलोई ने किया. कार्यक्रम में प्रो एसी पांडे, प्रो केबी पांडा, प्रो आरके दे, बीबी मिश्रा और डॉ सुशील कुमार शुक्ला मौजूद थे.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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