एमएस धोनी समेत झारखंड में कितने लोग साल में एक करोड़ या उससे अधिक कमाते हैं?

Millionairs in Jharkhand: आपको पता है कि झारखंड में कितने लोग हैं, जिनकी कमाई एक करोड़ रुपए या उससे अधिक है? हमारे राज्य में 788 लोगों की सालाना कमाई एक करोड़ रुपए से अधिक है. जानें अन्य राज्यों से हम कितने आगे या कितने पीछे हैं.
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Millionairs in Jharkhand|रांची, मनोज सिंह : झारखंड में कितने लोग हैं, जिनकी कमाई करोड़ रुपए या उससे अधिक है. आयकर विभाग के आंकड़े बताते हैं कि झारखंड में 788 लोग हैं, जो एक साल में एक करोड़ रुपए या उससे अधिक कमाते हैं. करोड़ रुपए सालाना कमाई करने वालों की संख्या के मामले में झारखंड देश के 36 राज्यों में 18वें पायदान पर है. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी और कुछ राजनीतिज्ञों की सालाना आय एक करोड़ रुपए से अधिक है.
बिहार में 1 करोड़ कमाने वालों की संख्या झारखंड से 3 गुणा अधिक
झारखंड के मुकाबले बिहार में एक करोड़ रुपए से अधिक कमाई करने वालों की संख्या 3 गुणा से अधिक है. आंकड़े बताते हैं कि एक करोड़ रुपए से अधिक कमाने वालों की संख्या सबसे अधिक महाराष्ट्र में है. हीरों के व्यापार के लिए मशहूर गुजरात करोड़ रुपए कमाने वालों की संख्या के मामले में देश में 7वें स्थान पर है. एक करोड़ से अधिक कमाने वालों की संख्या जम्मू-कश्मीर में झारखंड से अधिक है. धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर इस लिस्ट में 10वें नंबर पर है. वहीं, झारखंड का पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ 19वें नंबर पर है.
अरुणाचल में एक भी व्यक्ति नहीं कमाता करोड़ रुपए
आयकर विभाग के मुताबिक, देश का कोई भी राज्य ऐसा नहीं है, जिसकी आबादी का एक प्रतिशत हिस्सा भी एक करोड़ रुपए या उससे अधिक कमाता हो. महाराष्ट्र की कुल आबादी में 0.10 प्रतिशत लोगों की सालाना कमाई एक करोड़ रुपए या उससे अधिक है. यह देश के सभी राज्यों में सबसे अधिक है. अरुणाचल प्रदेश में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं, जो साल में एक करोड़ रुपए से अधिक कमाता हो.
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21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में करोड़ कमाने वाले 0 प्रतिशत
देश के 21 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एक करोड़ या इससे अधिक कमाने वालों की आबादी 0 (शून्य) प्रतिशत है. आयकर विभाग ने राज्यों की अनुमानित जनसंख्या के हिसाब से यह सूची जारी की है. इसके हिसाब से झारखंड की आबादी वर्ष 2024 में 3.90 करोड़ रुपए आंकी गयी है. पूरे देश में 2,16,000 लोग एक करोड़ रुपए से अधिक की कमाई करते हैं.
किस राज्य में एक करोड़ कमाने वाले कितने लोग हैं, देखें लिस्ट
| क्रम संख्या | राज्य का नाम | एक करोड़ रुपए कमाने वालों की संख्या |
| 1. | महाराष्ट्र | 124800 |
| 2. | उत्तर प्रदेश | 24050 |
| 3. | दिल्ली | 20600 |
| 4. | मध्य प्रदेश | 8666 |
| 5. | तमिलनाडु | 6288 |
| 6. | आंध प्रदेश | 5340 |
| 7. | गुजरात | 3450 |
| 8. | पश्चिम बंगाल | 3013 |
| 9. | जम्मू-कश्मीर | 2600 |
| 10. | बिहार | 2576 |
| 11. | केरल | 1780 |
| 12. | पंजाब | 1764 |
| 13. | राजस्थान | 1704 |
| 14. | तेलंगाना | 1260 |
| 15. | हरियाणा | 1220 |
| 16. | हिमाचल प्रदेश | 790 |
| 17. | झारखंड | 788 |
| 18. | छत्तीसगढ़ | 493 |
| 19. | गोवा | 480 |
| 20. | चंडीगढ़ | 360 |
| 21. | पुडुचेरी | 122 |
| 22. | दादर नगर हवेली | 70 |
| 23. | त्रिपुरा | 42 |
| 24. | मणिपुर | 33 |
| 25. | उत्तराखंड | 24 |
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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