पिपरवार. मंगरदाहा रैयत विस्थापित समिति की अशोक प्रबंधन के साथ एजेंडा मीटिंग बुधवार को पीओ जितेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसमें समिति सदस्यों द्वारा पिपरवार भूमिगत खान में रैयतों को नियोजन में प्राथमिकता देने के मांग पर 16 जनवरी से अनिश्चितकालीन बंदी पर चर्चा की गयी. वार्ता के दौरान समिति सदस्यों ने खान मैनेजर पर प्रबंधन व आमलोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया. बताया गया कि मंगलवार को वार्ता विफल हो जाने के बाद खान मैनेजर ने गलत रिपोर्टिंग की है. समिति सदस्यों ने कहा कि प्रबंधन के आश्वासन से रैयत संतुष्ट नहीं है. इसलिए 16 जनवरी से निर्धारित बंदी निश्चित है. इस पर पीओ ने कहा कि समिति की सभी मांगें मान ली गयी है. मीटिंग की सभी बातों को लिखित रूप से गुरुवार को दे दिया जायेगा. पीओ के आश्वासन पर समिति के सदस्य सहमत हो गये. ज्ञात हाे कि पिपरवार भूमिगत खान बंद हो चुके पिपरवार परियोजना खदान में खोला जा रहा है. पूरा खदान मंगरदाहा गांव की जमीन में बसा है. पिपरवार परियोजना प्रारंभ होने के बाद इन्हें चिरैयाटांड़ पुनर्वास केंद्र में बसाया गया था. पहले फेज में ओपन कास्ट माइन द्वारा कोयला निकाला गया. लेकिन एक निश्चित गहराई पर कोयला निकालने के लिए सीसीएल ने पिपरवार भूमिगत खान प्रारंभ करने जा रही है. भूमिगत खान से कोयला निकालने का ठेका जेएमएस कंपनी को मिला हुआ है. अब मंगरदाहा के रैयत जेएमएस कंपनी में नियोजन व पुनर्वास केंद्र में मूलभूत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. मौके पर विक्रम कुमार गंझू, प्रदीप कुमार गंझू, मंगल सिंह, अमर सिंह, दीपक करमाली, संजय कुमार गंझू, गोविंद कुमार गंझू, कैलाश करमाली, सलखु गंझू आदि मौजूद थे.
मंगरदाहा रैयत विस्थापित समिति की अशोक प्रबंधन के साथ हुई एजेंडा मीटिंग
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