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झारखंड को वर्ष 2030 तक मलेरिया से मुक्त करने का लक्ष्य, रांची में बोले एनएचएम के शशि प्रकाश झा

25 Sep, 2025 5:52 pm
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Malaria Free Jharkhand by 2030 workshop in ranchi

मलेरिया उन्मूलन पर आयोजित कार्यशाला में अतिथियों को किया गया सम्मानित.

Malaria Free Jharkhand: झारखंड सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश को मलेरिया से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है और इसे हर हाल में हासिल करना है. ये बातें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के निदेशक अभियान शशि प्रकाश झा ने रांची में आयोजित 3 दिवसीय कार्यशाला में कहीं. उन्होंने ट्रैक, टेस्ट और ट्रीट की रणनीति पर काम करने पर जोर दिया.

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Malaria Free Jharkhand: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा है कि वर्ष 2030 तक झारखंड को मलेरिया से मुक्त करना हमारा लक्ष्य है. इसे हर हाल में हासिल करना है. वह झारखंड को मलेरिया से मुक्त करने के लिए आयोजित 3 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के तहत लाभार्थियों को कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान पखवाड़ा के तहत समुदाय को मलेरिया से बचाव और झारखंड को वर्ष 2030 तक मलेरिया मुक्त करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड एवं टीसीआई फाउंडेशन ने कार्यशाला का आयोजन किया.

ट्रैक, टेस्ट और ट्रीट की रणनीति का पालन करें – शशि प्रकाश झा

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए शशि प्रकाश झा ने जिला स्तर के सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मलेरिया उन्मूलन गतिविधियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये. ‘ट्रैक, टेस्ट और ट्रीट’ की रणनीति का पूरी तरह से पालन किया जाये.

2030 तक मलेरिया उन्मूलन के लिए झारखंड प्रतिबद्ध

उन्होंने झारखंड राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्रतिभागियों को बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के निर्देशन में झारखंड वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन के लिए संकल्पबद्ध है.

एनसीवीबीडीसी की कल्पना बरुआ ने मलेरिया उन्मूलन प्रयासों की सराहना की

कार्यशाला के समापन सत्र के दौरान डॉ कल्पना बरुआ (एनसीवीबीडीसी, भारत सरकार) ने झारखंड में मलेरिया उन्मूलन के प्रयासों की सराहना की और प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होने वाली एनसीवीबीडीसी की संयुक्त निदेशक डॉ रिंकू शर्मा ने मलेरिया जांच की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि मरीजों का समय पर उपचार हो सके और उन्हें पूरी तरह से स्वस्थ किया जा सके.

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झारखंड में मलेरिया रोगियों की संख्या हुई 50 प्रतिशत कम

वेक्टर जनित रोग के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ बीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष राज्य में लगभग 22,000 मलेरिया रोगियों की पहचान की गयी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत कम है. मच्छर के काटने से फैलने वाली मलेरिया से समुदाय को बचाने के लिए समय-समय पर कीटनाशकों का छिड़काव किया गया, जिससे मच्छरों पर नियंत्रण पाया गया. साथ ही बुखार के मरीजों का मलेरिया टेस्ट कर समय से उपचार सुनिश्चित किया गया.

डब्ल्यूएचओ के डॉ अभिषेक पॉल ने मलेरिया की रोकथाम की रणनीति बतायी

विश्व स्वास्थ्य संगठन झारखंड के राज्य वेक्टर जनित रोग अधिकारी डॉ अभिषेक पॉल ने प्रतिभागियों को मलेरिया संक्रमण और इसकी रोकथाम की रणनीतियों से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के साथ-साथ समय पर जांच और उपचार से मलेरिया के मामलों में कमी लायी जा सकती है. मलेरिया से होने वाली असमय मौतों को भी रोका जा सकता है.

Malaria Free Jharkhand: 8 राज्यों के प्रतिनिधियों को मलेरिया उन्मूलन की दी गयी जानकारी

कार्यशाला में राज्यस्तर से सग्या सिंह, विनय कुमार, नीलम कुमार एवं टीसीआई फाउंडेशन के महानिदेशक डॉ मुनिस चंद्र, डॉ रमेश धीमन, नेशनल टेक्निकल लीड नमिता मेहता, वरिष्ठ प्रबंधक डॉ. महेश कौशिक एवं डॉ दिनकर ने 8 राज्यों (बिहार, झारखंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, और मध्य प्रदेश) से आये 31 राज्यस्तरीय अधिकारियों को मलेरिया उन्मूलन की विभिन्न रणनीतियों के बारे में जानकारी दी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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