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लोकमाता अहिल्याबाई होलकर नारी शक्ति, न्याय और जनकल्याण की प्रतीक, त्रिशताब्दी जयंती पर बोले राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार

Updated at : 29 Jan 2025 5:00 PM (IST)
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लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी जयंती समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार समेत अन्य

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी जयंती समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार समेत अन्य

Lokmata Ahilyabai Holkar Jayanti: रांची में बुधवार को लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी जयंती समारोह का आयोजन किया गया. राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को नारी शक्ति, न्याय और जनकल्याण का प्रतीक बताया.

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Lokmata Ahilyabai Holkar Jayanti: रांची-झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को नारी शक्ति, न्याय और जनकल्याण की अप्रतिम प्रतीक बताते हुए कहा कि वे केवल एक कुशल प्रशासिका ही नहीं, बल्कि सेवा, त्याग और परोपकार की प्रतिमूर्ति थीं. उन्होंने शिक्षा, कला, संस्कृति और धर्म के संरक्षण के लिए अनुकरणीय कार्य किए. उनकी शासन-व्यवस्था पूरी तरह प्रजा के हितों पर केंद्रित थी. उन्होंने समाज को नई दिशा प्रदान की. वे बुधवार को राष्ट्र सेविका समिति (रांची महानगर) एवं रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी के आर्यभट्ट सभागार में आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे.

काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में अहम योगदान-राज्यपाल

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने काशी विश्वनाथ मंदिर एवं अन्य धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि जब हम ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ की ओर अग्रसर हैं, तब अहिल्याबाई जैसी महान विभूतियों के योगदान से हमें नई प्रेरणा मिलती है.

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अहिल्याबाई का जीवन नारी सशक्तीकरण का सर्वोत्तम उदाहरण-राज्यपाल

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई का जीवन न केवल प्रशासनिक दक्षता, बल्कि परोपकार और नारी सशक्तीकरण का भी सर्वोत्तम उदाहरण है. उन्होंने इस समारोह के आयोजन के लिए राष्ट्र सेविका समिति एवं रांची विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए विश्वास प्रकट किया कि यह प्रयास लोकमाता अहिल्याबाई की प्रेरणादायी गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगा.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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