बड़गाईं जमीन के एक हिस्से की फर्जी सेल डीड बनाने में कुशवाहा भी शामिल

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बड़गाईं जमीन घोटाला मामले में इडी की कार्रवाई

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रांची (विशेष संवाददाता). बड़गाईं अंचल में 8.86 एकड़ जमीन के एक हिस्से की फर्जी सेल डीड बनाने में गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ शेखर कुशवाहा भी शामिल है. इसी जमीन से जुड़े मामले में हेमंत सोरेन को इडी ने गिरफ्तार किया है. जांच में दो फर्जी सेल डीड बनाने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है. इसमें से एक सेल डीड में निहित 4.83 एकड़ जमीन की कीमत 22.61 करोड़ रुपये आंकी गयी है. प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने शेखर कुशवाहा को पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश की अदालत में पेश करते वक्त दायर किये गये रिमांड पिटीशन में उक्त तथ्यों का उल्लेख किया है. पिटीशन में कहा गया कि कोलकाता स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में रखे गये मूल दस्तावेज में छेड़छाड़ कर फर्जी सेल डीड तैयार करने के मामले में वर्ष 2022 में अफसर अली सहित गिरोह के अन्य सदस्यों के ठिकानों पर छापेमारी की गयी थी. इसमें भारी मात्रा में जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेज जब्त किये गये थे. इसकी जांच में पाया गया कि शेखर कुशवाहा भी फर्जी दस्तावेज के सहारे जमीन की खरीद-बिक्री करनेवाले गिरोह का एक सदस्य है. वह अफसर अली, सद्दाम, प्रियरंजन सहाय, अंतु तिर्की सहित अन्य के साथ जमीन की फर्जी डीड बना कर उसकी खरीद-बिक्री करता है. खाता नंबर-234 की जमीन का एक हिस्सा हेमंत सोरेन के कब्जे में : जांच में पाया गया कि बड़गाईं अंचल की जमीन से संबंधित दो फर्जी सेल डीड (3984/1940) और (3954/1974) बनाने में शेखर कुशवाहा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है. दोनों ही फर्जी सेल डीड बड़गाईं अंचल के खाता नंबर-234 से संबंधित है. खाता नंबर-234 की जमीन का एक हिस्सा हेमंत सोरेन के कब्जे में है. सेल डीड संख्या 3985/1940 में 6.34 एकड़ जमीन शामिल है. खाता नंबर-234 के प्लॉट नंबर-989 और 996 का कुल रकबा 1.16 एकड़ है. यह जमीन हेमंत सोरेन के कब्जेवाली 8.86 एकड़ जमीन का एक हिस्सा है. कुशवाहा ने गिरोह के सदस्यों के साथ मिल कर दूसरी फर्जी डीड 3954/1974 तैयार की. यह डीड वर्ष 1974 के मूल दस्तावेज में जालसाजी कर तैयार की गयी. इस डीड को 4.83 एकड़ जमीन हथियाने के लिए तैयार किया गया. यह जमीन सीएनटी एक्ट के दायरे में है. इसकी खरीद-बिक्री नहीं की जा सकती है. लेकिन, कुशवाहा ने अंचल के राजस्व कर्मचारी से मिल कर इसे गैर आदिवासी को कागजी मालिक बनाया. सरकारी दर पर इस जमीन की कीमत 22.61 करोड़ रुपये है.

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