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झारखंड में कुड़मी समाज का 'रेल टेका डहर छेका' आंदोलन आज से, पुलिस अलर्ट, रेलवे स्टेशनों पर निषेधाज्ञा

Updated at : 20 Sep 2025 6:07 AM (IST)
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Kurmi Andolan In Jharkhand

कुड़मी समाज के लोग

Kurmi Andolan: झारखंड में कुड़मी समाज का 'रेल टेका डहर छेका' आंदोलन आज शनिवार (20 सितंबर 2025) से शुरू होगा. इसे लेकर पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है. रेलवे स्टेशनों पर निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है. आंदोलन को लेकर कुड़मी समाज ने झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के 100 रेलवे स्टेशनों पर रेल परिचालन ठप करने की चेतावनी दी है. कुड़मी को एसटी (अनुसूचित जनजाति) की सूची में शामिल करने की मांग की जा रही है.

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Kurmi Andolan: रांची-कुड़मी समाज का अनिश्चितकालीन ‘रेल टेका डहर छेका’ आंदोलन आज शनिवार (20 सितंबर 2025) से शुरू होगा. समाज कुड़मी को एसटी (अनुसूचित जनजाति) की सूची में शामिल करने की मांग कर रहा है. आंदोलन को लेकर कुड़मी समाज ने झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के 100 रेलवे स्टेशनों पर रेल परिचालन ठप करने की चेतावनी दी है. आंदोलन की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को कुड़मी समाज के लोगों ने मशाल जुलूस निकाला और 20 सितंबर के आंदोलन को सफल बनाने की अपील की. रेल टेका आंदोलन के मद्देनजर रांची रेल डिविजन ने भी तैयारी पूरी कर ली है. रांची जिला प्रशासन ने भी रेलवे स्टेशन परिसर में निषेधाज्ञा लागू कर दी है.

रेल टेका, डहर छेका आंदोलन से पहले निकाला मशाल जुलूस


रेल टेका, डहर छेका आंदोलन से पहले कुड़मी समाज की ओर से रांची और हजारीबाग समेत कई जिलों में मशाल जुलूस निकाला गया. इस दौरान सभी हाथ में मशाल लिए हुए थे. वे कुड़मी समाज को एसटी की सूची में शामिल करने की मांग कर रहे थे. सभी ने ऐलान किया कि 20 सितंबर
2025 के रेल टेका डहर छेका आंदोलन को सफल बनाएं.

ये भी पढ़ें: कुड़मी आंदोलन: रांची के इन 4 रेलवे स्टेशन परिसर के 300 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा, इन पर है प्रतिबंध

झारखंड में 40 स्टेशनों को बाधित करने की चेतावनी


झारखंड के रांची जिले में मुरी, राय, टाटीसिलवे और मेसरा स्टेशन पर रेल परिचालन ठप कराया जाएगा. रामगढ़ जिले में बरकाकाना, रामगढ़ कैंट, मायल और गोला स्टेशन ठप कराए जाएंगे. हजारीबाग में चरही स्टेशन, बोकारो में चंद्रपुरा और जगेश्वर विहार स्टेशन, गिरिडीह में पारसनाथ स्टेशन, धनबाद में प्रधानखांटा स्टेशन, सरायकेला खरसावां में गम्हरिया, सीनी एवं नीमडीह स्टेशन और पूर्वी सिंहभूम में गालूडीह और चाकुलिया स्टेशन ठप कराये जायेंगे. पश्चिमी सिंहभूम में सोनुआ स्टेशन ठप होगा. वहीं जामताड़ा स्टेशन, गोड्डा स्टेशन और दुमका में हंसडीहा स्टेशन ठप कराये जाएंगे.

बाधा डालने पर होगी गिरफ्तारी-आरपीएफ कमांडेंट


आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार ने बताया कि आंदोलन के दौरान जो लोग रेल परिचालन में बाधा डालने आएंगे, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा. पुलिस के जवान हथियार के अलावा टीयर गैस से लैस रहेंगे. रेलवे स्टेशन के 300 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गयी है, जो 19 सितंबर 2025 की रात्रि 8 बजे से 21 सितंबर की सुबह 8 बजे तक लागू रहेगी.

स्थिति देखकर उठाया जाएगा कदम-सीनियर डीसीएम


सीनियर डीसीएम शुचि सिंह ने कहा कि रेल टेका आंदोलन को लेकर अभी ट्रेनों को रद्द या मार्ग परिवर्तन नहीं किया गया है. स्थिति को देखते हुए रेलवे आगे कदम उठाएगा.

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सभी जिलों के एसपी को किया गया है अलर्ट


सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा ने रेल सहित सभी जिलों के एसपी को अलर्ट किया है. विशेष रूप से हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, सरायकेला, चाईबासा, पलामू और दुमका आदि जिलों में संवेदनशील स्टेशन और रेल लाइन को चिह्नित किया गया है. यहां पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गयी है. सुरक्षा में तैनात जवानों और पुलिस पदाधिकारियों को किसी भी अनहोनी से निबटने के लिए बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण दिए गए हैं. आंदोलनकारियों से निबटने के लिए दंगारोधी वाहन, वाटर कैनन, एंबुलेंस सहित अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराये गये हैं.

कुड़मी समाज से बात करे भारत सरकार का प्रतिनिधिमंडल-हरमोहन


कुड़मी समाज के केंद्रीय प्रवक्ता हरमोहन महतो ने कहा कि झारखंड सरकार, पुलिस प्रशासन और रेल पुलिस दमनात्मक नीति अपनाकर कुड़मी आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है. कुड़मी समाज लंबे समय से आदिवासी सूची में शामिल होने की मांग करता आ रहा है, लेकिन केंद्र सरकार बार-बार टाल-मटोल का रवैया अपना रही है. कुड़मी समाज को उनके हक और अधिकार से वंचित किया जा रहा है. इस कारण आज कुड़मी समाज मजबूरन रेलवे ट्रैक पर उतरकर विरोध दर्ज कराने को विवश है. उन्होंने कहा कि कुड़मी समाज के लोगों से भारत सरकार का प्रतिनिधिमंडल वार्ता करे.

रांची जिला प्रशासन ने की अपील


रांची जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि कुड़मी समाज के रेल परिचालन बाधित करने एवं रेल रोको आंदोलन की घोषणा के मद्देनजर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार से कानून-व्यवस्था की स्थिति भंग नहीं होनी चाहिए. नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए. आंदोलन के संबंध में कुड़मी समाज ने भी न्यायालय एवं प्रशासन को आश्वस्त किया है कि उनका कार्यक्रम शांतिपूर्ण होगा. इससे अर्थव्यवस्था, परिवहन एवं आवश्यक सेवाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा. समाज द्वारा लिखित रूप से यह भी आश्वासन दिया गया है कि आंदोलन के दौरान किसी भी निर्दोष नागरिक को क्षति नहीं होगी और प्रशासन के साथ पूर्ण सहयोग किया जाएगा. रांची जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि अथवा हिंसक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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