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JSSC अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! सितंबर तक आ जायेंगे शिक्षक भर्ती के रिजल्ट

Updated at : 23 Apr 2025 9:32 PM (IST)
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JSSC Result 2025

JSSC Result 2025

JSSC Assistant Teachers Recruitment Result: सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. उनका इंतजार बहुत जल्द खत्म होने वाला है. झारखंड स्टेट सर्विस कमीशन (जेएसएससी) ने खुद झारखंड हाईकोर्ट को बताया है कि जुलाई से सहायक शिक्षकों के परीक्षा परिणाम जारी होने शुरू हो जायेंगे. सितंबर तक सभी परीक्षा के परिणाम जारी कर दिये जायेंगे. कब-कब कौन से परीक्षा के परिणाम जारी होंगे. यहां देखें.

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JSSC Assistant Teachers Recruitment Result: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से आयोजित सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा देने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. रिजल्ट कब जारी होगा, इसका खुलासा हो गया है. जी हां, जेएसएससी ने खुद बताया है कि सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट सितंबर तक जारी कर दिया जायेगा. जेएसएससी ने बुधवार 23 अप्रैको झारखंड हाईकोर्ट को यह जानकारी दी. कहा कि सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा के नतीजे सितंबर के दूसरे सप्ताह तक जारी कर दिये जायेंगे.

ज्यां द्रेज की पीआईएल पर हाईकोर्ट ने की सुनवाई

हाईकोर्ट ने आयोग से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में सहायक शिक्षकों की भर्ती से संबंधित परीक्षा के नतीजे जारी करने के लिए स्पष्ट समयसीमा बताने के लिए कहा था. चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने बुधवार को अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज द्वारा सहायक शिक्षकों की भर्ती को लेकर दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई के दौरान यह निर्देश जेएसएससी को दिया था.

26001 सहायक शिक्षकों की होनी है झारखंड में भर्ती

झारखंड में 26,001 सहायक शिक्षकों की भर्ती की जानी है. जेएसएससी के अनुसार, गणित और विज्ञान में स्नातक स्तर के प्रशिक्षित शिक्षकों (छठी से आठवीं कक्षा तक के लिए) के लिए परिणाम जुलाई के पहले सप्ताह में प्रकाशित किये जायेंगे. इसके बाद जुलाई के तीसरे सप्ताह में सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों के लिए परिणाम प्रकाशित किये जायेंगे. भाषा शिक्षक का रिजल्ट अगस्त के पहले सप्ताह में घोषित कर दिया जायेगा. इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षकों (पहली से पांचवीं कक्षा के लिए) के लिए परिणाम सितंबर के दूसरे सप्ताह में प्रकाशित कर दिये जायेंगे.

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जेएसएससी के उदासीन रवैये पर हाईकोर्ट ने जतायी थी नाराजगी

झारखंड हाईकोर्ट ने रिजल्ट जारी करने के मामले में जेएसएससी के उदासीन रवैये पर असंतोष जाहिर किया था. आयोग ने कहा था कि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जनवरी 2026 तक पूरी हो जायेगी. याचिकाकर्ता ने उल्लेख किया कि स्कूली शिक्षकों की उपलब्धता के मामले में झारखंड सबसे खराब राज्यों में से एक है.

झारखंड के 30 प्रतिशत सरकारी स्कूल एक शिक्षक के भरोसे

याचिकाकर्ता ने कहा कि शिक्षा पर एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) के द्वारा किये गये रिसर्च में पाया गया कि झारखंड के 30 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में केवल एक शिक्षक है. नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्रत्येक स्कूल में कम से कम 2 शिक्षक और प्रत्येक 30 छात्र पर एक शिक्षक होना चाहिए. ज्यां द्रेज ने याचिका में कहा कि राज्य के अधिकतर प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल इन मानदंडों का पालन नहीं करते हैं.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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