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झारखंड में घंटी आधारित शिक्षकों को रखने की प्रक्रिया शुरू, राज्य सरकार ने सभी विवि से मांगी जानकारी, जानें कितना मिलेगा मानदेय

Updated at : 25 Jun 2021 11:22 AM (IST)
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झारखंड में घंटी आधारित शिक्षकों को रखने की प्रक्रिया शुरू, राज्य सरकार ने सभी विवि से मांगी जानकारी, जानें कितना मिलेगा मानदेय

इसके लिए सभी विवि को एक फॉरमेट भी उपलब्ध कराया गया है. इसमें विभागवार जानकारी मांगी गयी है, जिसमें शिक्षकों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या, कुल कार्यरत शिक्षकों की संख्या, रिक्त पदों की संख्या, रिक्त पदों के विरुद्ध स्नातकोत्तर विभागों के सेवानिवृत्त कार्यरत शिक्षकों की संख्या, रिक्त पदों के विरुद्ध कार्यरत घंटी आधारित कार्यरत शिक्षकों की संख्या, कार्यरत शिक्षकों के बाद रिक्त पदों की संख्या की जानकारी मांगी गयी है.

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Jharkhand Teacher Vacancy News रांची : राज्य के सभी विवि व कॉलेजों में स्नातक के बाद अब स्नातकोत्तर (पीजी) विभागों में भी अनुबंध पर घंटी आधारित शिक्षकों को रखने की प्रक्रिया शुरू की गयी है. नियमित नियुक्ति में हो रहे विलंब को देखते हुए राज्य सरकार ने यह फैसला लिया है. इस बाबत उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक बिंदु माधव प्रसाद सिंह ने सभी विवि के रजिस्ट्रार को पत्र भेज कर स्नातकोत्तर विभागों में स्वीकृत पद, रिक्ति, कार्यरत आदि की शीघ्र ही विस्तृत जानकारी मांगी है. संयुक्त निदेशक ने रजिस्ट्रार से ई-मेल द्वारा भी विस्तृत जानकारी मांगी है.

इसके लिए सभी विवि को एक फॉरमेट भी उपलब्ध कराया गया है. इसमें विभागवार जानकारी मांगी गयी है, जिसमें शिक्षकों के कुल स्वीकृत पदों की संख्या, कुल कार्यरत शिक्षकों की संख्या, रिक्त पदों की संख्या, रिक्त पदों के विरुद्ध स्नातकोत्तर विभागों के सेवानिवृत्त कार्यरत शिक्षकों की संख्या, रिक्त पदों के विरुद्ध कार्यरत घंटी आधारित कार्यरत शिक्षकों की संख्या, कार्यरत शिक्षकों के बाद रिक्त पदों की संख्या की जानकारी मांगी गयी है.

कई विवि में बैकलॉग नियुक्ति के बाद भी कार्यरत हैं शिक्षक

झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा कई विषयों में बैकलॉग के स्वीकृत पद पर विभिन्न विवि में नियुक्ति की गयी है. इन विभागों में विवि द्वारा पूर्व में स्वीकृत पद रिक्त रहने व पठन-पाठन सुचारु रूप से चलाने के लिए घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गयी थी. अब जब उक्त स्वीकृत पद पर आयोग द्वारा नियुक्ति कर दी गयी है, तो इन घंटी आधारित शिक्षकों के समक्ष तकनीकी समस्या आ गयी है.

हालांकि विवि द्वारा अभी इन्हें हटाया या स्थानांतरित नहीं किया गया है. ऐसे में इनके मानदेय भुगतान में भविष्य में दिक्कत आ सकती है. पीजी विभागों में सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी कक्षाएं लेनी है, लेकिन बहुत कम विभाग में ही ये शिक्षक कक्षाएं ले पाते हैं.

अधिकतम 36000 मिलता है मानदेय

मालूम हो कि राज्य सरकार द्वारा घंटी आधारित शिक्षकों को प्रत्येक घंटी के आधार पर 600 रुपये अौर अधिकतम एक माह में 36 हजार रुपये ही भुगतान करने का निर्देश दिया है. जबकि सेवानिवृत्त शिक्षकों को प्रति कक्षा 300 रुपये दिये जाने का प्रावधान है. राज्य सरकार शीघ्र ही घंटी आधारित शिक्षकों को एक मुश्त (फिक्स) मानदेय भुगतान देने की प्रक्रिया शुरू कर रही है.

Posted By : Sameer Oraon

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