Jharkhand News: सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, SC-ST कैदियों के मामलों की तहकीकात हो
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 18 Jun 2022 8:19 AM
मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट भवन में कारा विभाग की अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. उन्होंने स्पष्ट रूप से जेलों में बंद एसटी-एससी कैदियों की पूरी तहकीकात करने का निर्देश दिया है.उन्होंने कहा कि राज्य के जेलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ अल्पसंख्यक कैदियों की संख्या ज्यादा है.
Jharkhand News : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन में कारा विभाग की अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. उन्होंने स्पष्ट रूप से जेलों में बंद रस्ती-एससी कैदियों की पूरी तहकीकात करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के जेलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ अल्पसंख्यक कैदियों की संख्या ज्यादा है. इनमें ज्यादातर मामले अंडर ट्रायल हैं. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कैदियों से जुड़े मामलों की विशेष तौर पर तहकीकात की जानी चाहिए और अदालतों से इनके मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जानी चाहिए.
मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य की जेलों में बंद सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली व अधिकारियों को कई निर्देश दिये. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी बंद हैं. इनमें तीन साल से कम सजा वाले मामलों के कैदियों की संख्या सबसे ज्यादा है. इन कैदियों के मामलों की सुनवाई अदालतों में जल्द से जल्द कैसे पूरी हो, इस दिशा में ठोस कदम उठाये जाने चाहिए. बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव-सह-गृह सचिव राजीव अरुण एक्का, डीजीपी नीरज सिन्हा, विधि सचिव नलिन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, जेल आइजी मनोज कुमार, पुलिस महानिरीक्षक (विशेष शाखा) प्रभात कुमार, सहायक कारा महानिरीक्षक तुषार रंजन गुप्ता और बंदी कल्याण पदाधिकारी कमलजीत सिंह समेत अन्य मौजूद थे.
सीएम ने विचाराधीन कैदियों के मामले (विशेषकर तीन वर्ष से कम सजा) में कैदियों को अधिवक्ता के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में उचित कदम उठाने का निर्देश व विधि सम्मत कार्रवाई की दिशा में कारा विभाग से पहल करने को कहा. वहीं, अधिकारियों ने बताया कि झालसा और डालसा के माध्यम से विचाराधीन कैदियों के मामलों को अदालतों के माध्यम से निष्पादित करने की पहल लगातार की जा रही है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विचाराधीन कैदियों के संबंध में और भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध करायें, जिस पर बैठक में विस्तार से विचार कर उचित निर्णय लिये जा सकें.
राज्य में जेलों की संख्या 31 है. इनमें सात सेंट्रल जेल, 16 जिला जेल और सात उपकारा हैं. राज्य के सभी जेलों की कुल क्षमता 17,421 है. जबकि, इन जेलों में 19, 619 कैदी बंद हैं. जेलों में 14,445 विचाराधीन कैदी हैं, जबकि सजायाफ्ता कैदियों की संख्या 5200 से ज्यादा है. मौके पर सीएम ने कहा कि राज्य के सभी 31 जेलों का औचक निरीक्षण किया जायेगा और वह खुद जेलों में पहुंचकर पूरे हालात की जानकारी लेंगे. जेलों में कैदियों व जो व्यवस्था होगी, उसका निरीक्षण होगा.
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