संसाधनों से लैस होंगे राज्य के सभी सरकारी अस्पताल, इन चीजों का आकलन कर किया जाएगा समस्याओं को दूर

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संसाधनों से लैस होंगे राज्य के सभी सरकारी अस्पताल, इन चीजों का आकलन कर किया जाएगा समस्याओं को दूर

श्री त्रिपाठी ने बताया कि सभी उपायुक्तों को इसके लिए जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक के सर्वेक्षण का निर्देश दिया गया है. इससे अस्पतालों में व्याप्त कमियों का पता लगाया जा सकेगा. सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर कमियों को दूर कर उसे संसाधन संपन्न बनाया जायेगा.

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Jharkhand News, Government Hospital In Jharkhand रांची : झारखंड राज्य में जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत सभी सरकारी अस्पतालों को संसाधन संपन्न बनाया जायेगा. इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है. यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के आइइसी के नोडल पदाधिकारी सिद्धार्थ त्रिपाठी ने दी है.

श्री त्रिपाठी ने बताया कि सभी उपायुक्तों को इसके लिए जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक के सर्वेक्षण का निर्देश दिया गया है. इससे अस्पतालों में व्याप्त कमियों का पता लगाया जा सकेगा. सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर कमियों को दूर कर उसे संसाधन संपन्न बनाया जायेगा.

इसमें अस्पताल भवन की स्थिति, अस्पताल में बेड व उपकरणों की उपलब्धता एवं मानव बल का भी आकलन किया जायेगा. रिपोर्ट के आधार पर ही संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जायेगी. प्रथम चरण में जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक का सर्वे होगा. वहीं, दूसरे चरण में पीएचसी का सर्वे कराया जायेगा.

कमियों का पता लगाने के लिए जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी तक का किया जायेगा सर्वेक्षण

अस्पताल भवन की स्थिति, बेड व उपकरणों की उपलब्धता और मानव बल का किया जायेगा आकलन

झारखंड में डबल म्यूटेंट के वायरस ज्यादा

रांची. झारखंड में डबल म्यूटेंट के वायरस ज्यादा हैं. मार्च व अप्रैल में 537 सैंपल जीनोम सिक्वेसिंग के लिए भुवनेश्वर भेज गये थे, जिसमें 301 की जांच की गयी. इनमें 29 में यूके वेरियेंट व 272 डबल म्यूटेंट के वेरियेंट थे. स्वास्थ्य सचिव ने सभी मेडिकल कॉलेजों को नियमित रूप से आरटी पीसीआर में पॉजिटिव पाये गये सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग कराने के निर्देश दिये हैं.

साथ ही लैब प्रभारी को नोडल पदाधिकारी बनाने को कहा है. उन्होंने कहा कि जीनोम सिक्वेसिंग की नियमित मॉनिटरिंग से म्यूटेंट का पता चलता है, जिसके अनुरूप कोरोना से निबटने की रणनीति बनायी जा सकती है.

Posted By : Sameer Oraon

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