ePaper

सारंडा में 17 माओवादियों की मौत पर नक्सलियों में पसरा डर, मुठभेड़ को बताया फर्जी, बोले- आदिवासी इलाकों में दहशत

25 Jan, 2026 11:14 am
विज्ञापन
Jharkhand Naxal Encounter

सुरक्षा बलों के जवान और मारे गये माओवादियों की सांकेतिक तस्वीरें, Pic Credit- Chatgpt AI

Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड के जंगल में 17 माओवादियों की मौत के बाद भाकपा (माओवादी) की बिहार-झारखंड कमेटी के प्रवक्ता ने ऑडियो बयान जारी कर पुलिस कार्रवाई को फर्जी बताया है. प्रवक्ता ने हवाई फायरिंग, अंधाधुंध गोलीबारी और आदिवासी इलाकों में दहशत का आरोप लगाते हुए इस कार्रवाई का विरोध किया है.

विज्ञापन

Jharkhand Naxal Encounter, रांची : झारखंड के सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों द्वारा 17 माओवादियों के मारे जाने के बाद भाकपा (माओवादी) की बिहार-झारखंड कमेटी के प्रवक्ता ने एक ऑडियो के माध्यम से प्रेस बयान जारी किया है. बयान में इस पुलिस कार्रवाई को फर्जी करार देते हुए कड़ी निंदा की गई है. प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के असंवैधानिक तरीके से हवाई फायरिंग और अंधाधुंध गोलीबारी की. कमेटी ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया है.

वनग्राम के आदिवासी क्यों दहशत में हैं

माओवादियों के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जंगल और गांवों की जनता को बिना सूचना दिए की गई गोलीबारी से वनग्रामों के आदिवासी दहशत में हैं. कई गांवों के लोग भय के कारण अपने घर छोड़कर भाग रहे हैं. प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि डीजी द्वारा अभियान की घोषणा के बाद 22 जनवरी 2026 को कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस ने सारंडा के बहुदा और कुमडीह गांव के जंगलों में मौजूद उनके साथियों पर सुनियोजित साजिश के तहत हमला किया. उनके अनुसार जीपीएस ट्रैकर भेजने या खाद्य सामग्री में जहर मिलाने के बाद यह कार्रवाई की गई. प्रवक्ता ने इस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए कहा कि इसमें केंद्रीय कमेटी सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल और ओडिशा राज्य कमेटी के लालचंद हेंब्रम समेत 17 लोगों की हत्या की गई.

Also Read: Republic Day 2026: 12 विभागों की झांकियों में दिखेगी पूरे झारखंड की झलक, दुल्हन की तरह सज रहा मोरहाबादी मैदान

मृत साथियों को माओवादियों के प्रवक्ता ने क्या कहा आखिरी बार

माओवादियों के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जिस तरह उनके 17 साथियों की हत्या हुई है, उसी तरह बचे हुए लोगों को भी एक-एक कर निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने इस कार्रवाई को कायरता और जघन्य अपराध बताते हुए इसकी निंदा की. साथ ही, प्रवक्ता ने अपने मारे गए साथियों को ‘लाल सलाम’ कहकर श्रद्धांजलि अर्पित की.

भाकपा माओवादियों के प्रवक्ता ने क्यों बताया पुलिस कार्रवाई को फर्जी

भाकपा (माओवादी) के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वे इस पुलिस कार्रवाई को फर्जी इसलिए बता रहे हैं, क्योंकि इससे पहले भी कोबरा बटालियन और पुलिस इस तरह की कार्रवाइयां कर चुकी है. उन्होंने दावा किया कि कुछ हमलों में संगठन को गंभीर नुकसान हुआ, जबकि कुछ को विफल कर दिया गया. प्रवक्ता का यह भी आरोप है कि कई बार कोबरा बटालियन के जवान अपने ही जीपीएस ट्रैकर के कारण मारे गए या घायल हुए हैं. उन्होंने यह दावा भी किया कि खाद्य सामग्री में जहर मिलाकर उनके साथियों को निशाना बनाया गया. प्रवक्ता ने आशंका जताई कि पुलिस इसी तरह एक-एक कर सभी को मार सकती है. साथ ही उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके तीन साथी पुलिस की हिरासत में हैं. उन्होंने मजदूरों, छात्रों, किसानों और समझदार लोगों से कहा कि वे इस हमले के खिलाफ खुलकर बोलें और उसका विरोध करें.

Also Read: झारखंड का सारंडा जंगल बन रहा नक्सलियों की कब्रगाह, अब बचे सिर्फ 65 माओवादी

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

अपने पसंदीदा शहर चुनें

ऐप पर पढ़ें