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Jharkhand Monsoon: झारखंड में मानसून की बारिश ने तोड़ा 11 साल का रिकॉर्ड

Updated at : 30 Jun 2025 5:42 PM (IST)
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Jharkhand Monsoon Highest Rainfall 348.9 MM Recorded in June 2025

पूर्वी सिंहभूम के एक आवासीय स्कूल में भर गया पानी. जान बचाने के लिए गेट और छत पर चढ़ गये बच्चे. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand Monsoon: झारखंड के 3 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से कम बारिश हुई है. बाबा नगरी देवघर में अब तक 131.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, तो गोड्डा में 117.5 मिलीमीटर और पाकुड़ में 178.7 मिलीमीटर वर्षा हुई है. देवघर में 185.6 मिमी वर्षा को सामान्य वर्षा माना जाता है. इसी तरह गोड्डा में 169.1 मिमी को और पाकुड़ में 226.3 मिमी वर्षा को सामान्य बारिश माना जाता है. देवघर में सामान्य से 29 फीसदी कम बारिश हुई है, तो गोड्डा में 30 फीसदी और पाकुड़ में 21 फीसदी कम वर्षा हुई है.

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Jharkhand Monsoon: झारखंड में मानसून की बारिश लगातार हो रही है. जून 2025 में हुई मानसून की वर्षा ने पिछले 11 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मौसम केंद्र रांची ने सोमवार 30 जून 2025 को यह जानकारी दी. मौसम विभाग की ओर से जारी स्पेशल बुलेटिन ‘झारखंड मानसून रेनफॉल – जून 2025’ में बताया गया है कि वर्ष 2015 से वर्ष 2025 के सबसे ज्यादा 348.9 मिलीमीटर वर्षा जून 2025 में हुई है. अब तक 4 जिलों में सामान्य वर्षा हुई है, 3 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है और 14 जिलों में सामान्य से बहुत ज्यादा बारिश हुई है.

13 जिलों में 282 मिलीमीटर से अधिक वर्षा

झारखंड के 13 जिले ऐसे हैं, जहां 282 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हुई है. 2 जिलों में 500 मिलीमीटर और 2 जिलों में 600 मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है. 6 जिलों में 300 मिलीमीटर से अधिक और 2 जिलों में 400 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गयी है.

पूर्वी सिंहभूम में सबसे ज्यादा 607.8 मिमी बारिश

पूर्वी सिंहभूम जिले में अब तक सबसे ज्यादा 607.8 मिलीमीटर वर्षा हुई है. इसके बाद नंबर आता है रांची का. रांची में 600.5 मिमी वर्षा हुई है. लातेहार में 508.7 मिमी, सरायकेला-खरसावां में 501.6 मिमी, रामगढ़ में 486.2 मिमी, सिमडेगा में 441.6 मिमी, लोहरदगा में 395.1 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम में 382.5 मिमी, खूंटी में 380.5 मिमी, चतरा में 375.4 मिमी, धनबाद में 343.4 मिमी, गुमला में 322.2 मिमी और बोकारो में 282.2 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है.

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देवघर, गोड्डा, पाकुड़ में सामान्य से कम वर्षा

झारखंड के 3 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से कम बारिश हुई है. बाबा नगरी देवघर में अब तक 131.2 मिलीमीटर बारिश हुई है, तो गोड्डा में 117.5 मिलीमीटर और पाकुड़ में 178.7 मिलीमीटर वर्षा हुई है. देवघर में 185.6 मिमी वर्षा को सामान्य वर्षा माना जाता है. इसी तरह गोड्डा में 169.1 मिमी को और पाकुड़ में 226.3 मिमी वर्षा को सामान्य बारिश माना जाता है. देवघर में सामान्य से 29 फीसदी कम बारिश हुई है, तो गोड्डा में 30 फीसदी और पाकुड़ में 21 फीसदी कम वर्षा हुई है.

Jharkhand Monsoon: किस जिले में कितनी वर्षा

जिला का नामवर्षापात
पूर्वी सिंहभूम607.8 मिलीमीटर
रांची600.5 मिलीमीटर
लातेहार508.7 मिलीमीटर
सरायकेला-खरसावां501.6 मिलीमीटर
रामगढ़486.2 मिलीमीटर
सिमडेगा441.6 मिलीमीटर
लोहरदगा395.1 मिलीमीटर
पश्चिमी सिंहभूम382.5 मिलीमीटर
खूंटी380.5 मिलीमीटर
चतरा375.4 मिलीमीटर
धनबाद343.4 मिलीमीटर
गुमला322.2 मिलीमीटर
बोकारो282.2 मिलीमीटर
स्रोत : मौसम केंद्र, रांची

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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