5 लोगों मिला भारत का ‘सर्वोच्च सम्मान’, तो बोले मिथिलेश ठाकुर- दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मिले भारत रत्न

शिबू सोरेन
मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार से आग्रह है कि झारखंड समेत छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा के लाखों आदिवासियों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान को देखते हुए उन्हें भी भारत रत्न दिया जाए.
Bharat Ratna|पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरिसम्हा राव, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर और हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने की घोषणा के बाद झारखंड के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की मांग की है.
मिथिलेश कुमार ठाकुर ने ‘एक्स’ पर लिखी ये बात
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट में मंत्री रहे मिथिलेश ठाकुर ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट डालकर स्वामीनाथन, चौधरी चरण सिंह, पीवी नरिम्हा राव को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान से अलंकृत करने के फैसले का स्वागत किया. साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि झामुमो सुप्रीमो दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भी भारत रत्न से सम्मानित किया जाए.
चरण सिंह, नरसिम्हा राव, स्वामीनाथ को भारत रत्न का स्वागत
गढ़वा विधानसभा से झामुमो के विधायक ने अपने पोस्ट में लिखा, हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन, किसानों की आवाज पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और देश को आर्थिक सुधारों की राह पर ले जाने के लिए नई आर्थिक नीतियों के जनक पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान से अलंकृत किए जाने की घोषणा का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन.
दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मिले भारत रत्न : मिथिलेश ठाकुर
उन्होंने आगे लिखा कि केंद्र सरकार से एक बार फिर आग्रह है कि झारखंड समेत छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा के लाखों आदिवासियों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने वाले दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान को देखते हुए उन्हें भी भारत रत्न दिया जाए.
हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन जी, किसानों की आवाज पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी और देश को आर्थिक सुधारों की राह पर ले जाने के लिए नई आर्थिक नीतियों के जनक पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव जी को मरणोपरांत भारत रत्न सम्मान से अलंकृत किए जाने की घोषणा का हार्दिक… pic.twitter.com/7hScQCyime
— Mithilesh Kumar Thakur 🇮🇳 (@MithileshJMM) February 9, 2024
5 भारत रत्न अब तक किसी एक वर्ष में सर्वाधिक
झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक और पोस्ट किया, जिसमें लिखा, ‘वर्ष 2020 से 23 जनवरी 2024 तक के चार वर्षों में किसी को भी भारत रत्न नहीं दिया गया. पिछला भारत रत्न वर्ष 2019 में डॉ प्रणव मुखर्जी एवं अन्य को दिया गया. इस वर्ष के 5 पुरस्कारों को छोड़कर आजादी के बाद से अब तक कुल 48 लोगों को यह सम्मान मिला है. 5 भारत रत्न अब तक किसी एक वर्ष में सर्वाधिक है. 5 में चार राजनीतिज्ञ रहे हैं.’
भारत रत्न की गरिमा बनी रहे…
झामुमो के विधायक ने आगे लिखा कि भारत रत्न की घोषणा महामहिम राष्ट्रपति के कार्यालय से की जाती रही है. चुनावी वर्ष में एक साथ 5 लोगों को भारत रत्न का सम्मान दिया जाना कहीं कुछ खास वर्गों को साधने की कोशिश तो नहीं? ‘भारत रत्न’ देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है… इसकी गरिमा बनी रहे, ईश्वर से ऐसी कामना करता हूं.
2020 से 23 जनवरी 2024 तक के चार वर्षों में किसी को भी भारत रत्न नहीं दिया गया।
पिछला भारत रत्न 2019 में डॉ प्रणव मुखर्जी एवं अन्य को दिया गया।
इस वर्ष के पाँच पुरस्कारों को छोड़कर आज़ादी के बाद से अबतक कुल 48 लोगों को यह सम्मान मिला है।
पाँच भारत रत्न अब तक किसी एक वर्ष में… pic.twitter.com/GemvrXklLa
— Mithilesh Kumar Thakur 🇮🇳 (@MithileshJMM) February 9, 2024
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




